सत्येंद्र सिंह को बनाया गया एलडीए के नए उपाध्यक्ष
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अर्से से खाली पड़े लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) उपाध्यक्ष के लिए अफसर की खोज आखिरकार बहराइच के डीएम सत्येंद्र सिंह पर आकर खत्म हो गई। सरकार ने सोमवार देर शाम उन्हें एलडीए वीसी बनाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिए।
सरकार ने सत्येंद्र का नाम 4 दिन पहले ही तय कर लिया था। लेकिन मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलने के कारण उनका नाम स्वीकृति के लिए चुनाव आयोग के पास भेजा गया था। वहां से इजाजत मिलते ही आदेश जारी कर दिए गए। दरअसल, वोटर संबंधी किसी अभियान के दौरान डीएम को हटाने से पहले चुनाव आयोग की इजाजत लेना जरूरी होता है।
वहीं, मुख्य सचिव के स्टाफ असफर आरडी पालीवाल को राज्य उपभोक्ता आयोग में प्रशासनिक सदस्य बनाया गया है। इस साल अगस्त में रिटायर होने के बाद सरकार ने इन्हें सेवा विस्तार दिया था। सोमवार को इनकी तैनाती के आदेश भी जारी कर दिए।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई फोटोग्राफी कराएं
राजधानी में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ का सख्त रुख जारी है। अदालत ने एलडीए से अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई रिपोर्ट 6 जनवरी को तलब किया है। साथ ही सहयोग के लिए एलडीए के उपाध्यक्ष व सचिव को भी उस रोज पेश होने को कहा है।
अदालत ने यह भी साफ किया कि जो भी कार्रवाई की जा रही है उसकी फोटोग्राफी भी कराई जाए। जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश गोमती नगर विस्तार के एक भूखंड मामले में लंबित याचिका पर दिया।
याची के अधिवक्ता प्रशांत सिंह अटल के मुताबिक कोर्ट को बताया गया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कार्रवाई की फोटोग्राफी करवाए जाने के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान खास तौर पर गोमतीनगर क्षेत्र के कुछ व्यापारियों की तरफ से इस प्रकरण में दखल की इजाजत दिए जाने की अर्जियां भी पेश की गईं जिन्हें कोर्ट ने रजिस्ट्री में दाखिल करने को कहा है।