फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Samwad 2025 Lucknow UP Deputy Chief Minister Brajesh Pathak participated in Amar Ujala Samvad program

Samwad 2025: 'MBBS की सीटें तीन गुना की, 80 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे', संवाद में बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

Fri, 18 Apr 2025 03:53 PM IST
आकाश दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 18 Apr 2025 03:53 PM IST
सार

Amar Ujala Samwad Lucknow 2025: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'संवाद' में अपने विचार रखते हुए कहा कि 2017 से तुलना की जाए तो आज 80 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और यह कार्य मात्र 8 वर्षों में हुआ। कुछ जिले बचे हैं उन पर भी हम प्रदेश की जनता के समक्ष जाने वाले हैं। पीपीपी मोड पर हमने टेंडर और एग्रीमेंट भी कर दिया है।

विज्ञापन
Samwad 2025 Lucknow UP Deputy Chief Minister Brajesh Pathak participated in Amar Ujala Samvad program
अमर उजाला संवाद 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन  'उत्तर प्रदेश की बदलती सेहत'  सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम का हिस्सा बने। उप मुख्यमंत्री पाठक ने चर्चा करते हुए कहा कि 2017 के बाद से अब तक यूपी का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल गया है। सबसे पहले मैं मेडिकल एजुकेशन की तरफ आऊंगा। जब 2017 में हमें काम करने का अवसर मिला, हमारे पास 12 मेडिकल कॉलेज सरकारी क्षेत्र में थे। निजी क्षेत्र में भी कुछ मेडिकल कॉलेज थे। हमारे सामने सबसे पहले ये चुनौती थी कि चिकित्सकों की तैनाती और उनकी उपलब्धता। पूरे देश के पैमाने पर इस बात की चर्चा है कि चिकित्सकों की भारी कमी थी। लेकिन मैं कह सकता हूं, 2017 से प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हर जिले में मेडिकल कॉलेज बने उस दिशा में हमारी सरकार ने गंभीर काम किया है। 2017 से तुलना की जाए तो आज 80 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और यह कार्य मात्र आठ वर्षों में हुआ। कुछ जिले बचे हैं उन पर भी हम प्रदेश की जनता के समक्ष जाने वाले हैं। पीपीपी मोड पर हमने टेंडर और एग्रीमेंट भी कर दिया है।

विज्ञापन


अखिलेश के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री ने कही ये बात
मेडिकल कॉलेज कोई पॉकेट में रखी हुई चीज नहीं होती। मेडिकल कॉलेज पूरी दुनिया देख रही है, एमबीबीएस की सीटें तीन गुना हुई हैं और इन सीटों को उत्तर प्रदेश सरकार क्रिएट नहीं करती है। नीट की परीक्षा होती है और पूरे देश में एक साथ होती है, हमने इसकी संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी की है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जो आवंटित राशि पूरी खर्च नहीं हो पा रही है?
इस सवाल पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोगों को पता नहीं है, जो समाजवादी पार्टी के लोग हैं या अन्य इस प्रकार की जो चर्चा करते हैं, उनको बता दें कि हम 60 और 40 के आधार पर काम करते हैं। 60 फीसदी भारत सरकार देती है, 40 फीसदी हम देते हैं। जिस भी प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार हमें पैसा भेजती है, उसके लिए 40 फीसदी धनराशि हम पहले से उसे बजट में आरक्षित रखते हैं और ये सभी केंद्रीय योजनाओं में होता है। जैसे ही केंद्र सरकार से पैसा आता है, हम अपना 40 फीसदी बजट उसमें मिलाकर काम शुरू कर देते हैं। आज आयुष्मान आरोग्य योजना में नौ हजार करोड़ रुपये का पेमेंट यूपी सरकार ने उन मरीजों के लिए किया है, जिनको पांच लाख तक के निशुल्क इलाज के लिए गारंटी दी है। ये 40 फीसदी पैसे वही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




डॉक्टरों और नर्स की कमी पर उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री ने कहा अगर आप कोई कंपनी शुरू करते हैं तो क्या पहले दिन से ही वो टॉप पर हो जाती है क्या? अमर उजाला का प्रकाशन 1948 में शुरू हुआ और आज अमर उजाला समाचार जगत में वट वृक्ष है। अब आप बताइए 1948 में क्या स्थिति रही होगी जरा मुझे बताइए? आप देश की जनता से जानिए। जब कोई बच्चा कंसीव होता है तो 9 महिने में उसको जन्म मिलता है, फिर धीरे-धीरे बड़ा होता है। क्या कोई भी शुरुआत भी नहीं करेगा। समाजवादी पार्टी की सोच है कि केवल 17 ही मेडिकल कॉलेज स्टेट में हो या 12 ही मेडिकल कॉलेज स्टेट में हो। किसी को तो आगे आना पड़ेगा और जहां तक संसाधनों की बात है पहले से लाख गुना बेहतर संसाधन पूरे प्रदेश में हैं। 


समाजवादी पार्टी के शासन काल में, मैं तो आरोप लगाना नहीं चाहता लेकिन आपने छेड़ा है तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि प्रदेश की जनता को खुद मौके पर जाकर प्रदेश में देखना चाहिए, जौनपुर मेडिकल कॉलेज की चर्चा उन्होंने की अच्छा हुआ उन्होंने हमें मुद्दा दे दिया। आप इसको जरूर समाचार पत्र में लेना, जौनपुर मेडिकल कॉलेज समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शुरू हुआ। टाटा को काम मिला, टाटा को जबरदस्ती किसको काम दिलाया ये उनसे पूछिए और वो ठेकेदार बीच में से छोड़कर भाग गया। हमने एसआईटी बनाई और कैबिनेट से अतिरिक्त पैसे स्वीकृत कराकर काम पूरा करा रहे हैं। ये जनता के पैसों को लूटने के लिए प्रोजेक्ट लाते थे, हम प्रदेश की जनता के हित के लिए प्रोजेक्ट लाते हैं।
 

स्वास्थ्य नीति ये कहती है कि ढाई फीसदी जीडीपी का होना चाहिए, अपने यहां 1.1 फीसदी ही खर्च हो पा रहा है?

इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारे पास पैसे से अधिक महत्व इंफ्रास्ट्रक्चर का है। मान लीजिए आपने पैसे रखे हुए हैं, आपके पास दाल-चावल है, प्रेशर कुकर बनाने के लिए नहीं है तो क्या करोगे। पहले तो हम डॉक्टर बनाएंगे। फिर भवन बनाएंगे। फिर उसके बाद पैसे खर्च करेंगे। जिस गति से स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में बढ़ा है, तुलनात्मक अध्यन 2017 से पहले की और आज की स्थिति का करें तो आप मानेंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आमूल-चूल परिवर्तन हेल्थ सेक्टर में किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed