सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आज, मुलायम और शिवपाल पर टिकी नजर
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सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को भाजपा पर तीखे हमले के साथ ही गठबंधन को धार दी जाएगी। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में होने वाली इस एक दिवसीय बैठक में पेश होने वाले राजनीतिक-आर्थिक प्रस्ताव से लोकसभा-2019 के रोडमैप का अंदाजा लगेगा। बैठक में शामिल होने के लिए दूसरे प्रदेशों के नेता शुक्रवार रात को ही राजधानी लखनऊ पहुंच गए।
पिछले वर्ष अक्तूबर में पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन आगरा में हुआ था। इसमें अखिलेश यादव को दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। उसके बाद से यह सपा की पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। जैसा कि अखिलेश घोषणा कर चुके हैं, पार्टी 2019 का लोकसभा चुनाव गठबंधन कर लड़ेगी।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी उनकी लाइन पर मुहर लगाएगी। भाजपा को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए उनके खिलाफ विपक्षी दलों की लामबंदी पर जोर दिया जाएगा। मॉब लिचिंग समेत हाल के राजनीतिक घटनाक्रम किसानों, मजदूरों, नौजवानों व व्यापारियों की बदहाली का जिक्र होगा।
जिस समय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का समापन हो रहा होगा, उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लखनऊ आगमन होगा। ऐसे में सपा के निशाने पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके साथ पिछड़ों, अति पिछड़ों को पार्टी से जोड़ने पर खास जोर रहेगा। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए बूथ मैनेजमेंट को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी। संभावना है कि भाजपा सरकारों के खिलाफ गन्ना मूल्य भुगतान, किसानों, नौजवानों के मुद्दों को लेकर सपा एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन का आह्वान करे। साइकिल यात्रा निकालने का भी निर्णय हो सकता है।
मुलायम, शिवपाल पर रहेगी नजर
2017 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में लंबे समय तक मुलायम परिवार का विवाद सुर्खियों में रहा था। स्थिति यह रही कि मुलायम सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष व शिवपाल को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के फैसले हुए। इससे पहले मुलायम सिंह ने रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित किया। बाद में उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी। 2017 में प्रदेश की सत्ता छिनने के बाद परिवार की एका की कोशिशें शुरू हुईं।
अब परिवार का विवाद मुखर तो नहीं है लेकिन अभी भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं है। शनिवार को इस पर भी नजरें रहेंगी कि मुलायम सिंह यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आएंगे या नहीं। वह निवर्तमान अध्यक्ष और सांसद होने के नाते राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदेन सदस्य हैं। शिवपाल सिंह यादव राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नहीं हैं। देखना है कि पार्टी उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में कार्यकारिणी में बुलाएगी या नहीं। हालांकि शुक्रवार शाम तक शिवपाल इटावा में थे। उन्हें कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचने के लिए निमंत्रण नहीं मिला था।