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नौकरी पर एक घंटे लेट पहुंचा तो काटी पगार, फिर 400 किलोमीटर दूर किया तबादला

Tue, 25 Jun 2019 08:37 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Tue, 25 Jun 2019 08:37 PM IST
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salary cut and then transferred for being late at job in barabanki
Lucknow High Court
बाराबंकी में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी को केंद्र पर एक घंटा लेट पहुंचने का दोषी पाया गया तो उसकी पगार में कटौती की गई, जांच बैठा दी गई और फौरन ही 400 किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया। 
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तबादले के आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी गई जिसपर कोर्ट ने सरकार से प्रकरण का ब्यौरा तलब किया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या संबंधित कर्मी का स्थानांतरण बाराबंकी जिले के किसी अन्य ब्लाक में अथवा आस-पास कहीं किया जा सकता है।
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न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश सत्येंद्र पटेल की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि 13 नवंबर 2018 को बाराबंकी के शरीफाबाद प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का औचक निरीक्षण हुआ था। उस दिन केंद्र पर फार्मासिस्ट के पद पर तैनात याची निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से पहुंचा था। इस पर उसकी पगार में से कटौती की गई थी और विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी गई थी जिसका कोई परिणाम अभी तक नहीं आ सका है। 
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याची ने दलील दी कि विभागीय जांच का परिणाम आने से पहले ही 30 मई 2019 को याची का तबादला बाराबंकी से ललितपुर पर दिया गया और 3 जून 2019 को उसे कार्यमुक्त कर दिया गया। याची ने यह भी दलील दी है कि चूंकि वह हृदय रोग से पीड़ित है लिहाजा उसका स्थानांतरण निरस्त करा जाना चाहिए।

इस पर अदालत ने जब यह पूछा कि विभागीय जांच का क्या नतीजा निकला तो सरकारी वकील ने इस पूरे मामले में सक्षम प्राधिकारियों से निर्देश हासिल कर अदालत की जानकारी में लाए जाने के लिए एक सप्ताह का समय दिए जाने का आग्रह किया। 

अदालत ने यह आग्रह स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई नियत कर दी। कोर्ट ने सरकारी वकील को इसके साथ यह कहा कि वे निर्देश हासिल करने के साथ ही कोर्ट को इस बात की भी जानकारी दें कि चूंकि याची पक्ष का कहना है कि वह हृदय रोग से पीड़ित है तो ऐसे में क्या याची को जिले के ही किसी अन्य ब्लाक अथवा आस-पास कहीं स्थानांतरित करा जा सकता है। कोर्ट ने याची को इस बात की भी छूट दी कि अगली सुनवाई के समय मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए आग्रह कर सकता है।
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