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सेफ सिटी प्रोजेक्ट के 91 करोड़ के टेंडर में सेंध, प्रक्रिया निरस्त, दो अफसरों को नोटिस
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प्रवेंद्र गुप्ता, लखनऊ। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के 91 करोड़ के टेंडर में सेंधमारी सामने आई है। इसमें स्मार्ट सिटी कंपनी में काम करने वाले दो अफसरों को स्मार्ट सिटी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ ने नोटिस जारी किया है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा टेंडर नोटिस जारी करने का आदेश किया है।
दिल्ली के निर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने शहर को महिलाओं व लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए सेफ सिटी योजना शुरू की। इस योजना में देश के सात अन्य शहरों के साथ लखनऊ भी शामिल है। इसके लिए 194 करोड़ रुपये का बजट भी दो साल पहले जारी हो चुका है। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक सेफ सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर लालबाग में स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर के पास बनाया जाना है। इसमें बिल्डिंग निर्माण का काम हो रहा है। इसी बिल्डिंग में जो हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जाना है और शहर में जो सर्विलांस सिस्टम बनना है, उसके सीसीटीवी व अन्य उपकरण लगाने व सेंटर चलाने को लेकर 91 करोड़ का टेंडर जारी हुआ था। यह टेंडर 30 सितंबर को टेंडर कमेटी के सामने उसके अनुमोदन से खुलना था, लेकिन स्मार्ट सिटी की पीएमसी के टीम लीडर पवन श्रीवास्तव व मुख्य वित्त अधिकारी बीपी सिंह ने टेक्निकल बिड खुद ही खोल दी। वह भी तब जबकि दो कंपनियों के ही टेंडर आए थे। बिना अनुमोदन टेंडर खोलकर उन्होंने यह पता कर लिया कि किन दो कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। नियमों के तहत किसी कार्य के लिए पहली बार में तीन टेंडर का होना आवश्यक माना जाता है।
किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की साजिश
टू बिड टेंडर नियमों के तहत टेक्निकल बिड के बाद फायनेंसियल बिड खुलनी थी, लेकिन सेंधमारी का मामला सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने टेंडर निरस्त कर दोबारा टेंडर का आदेश दिया। जानकारों का कहना है कि बिना अनुमति टेंडर खोले जाने के पीछे उन कंपनियों को फायदा पहुंचाने की योजना थी जो करोड़ों के टेंडर हथियाना चाहती हैं। इसमें बैकडोर से उनको कुछ प्रभावशाली अफसर भी मदद कर रहे हैं।
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ये काम होने हैं
योजना के तहत महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा के लिए शहर भर ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम लगना है, जहां महिलाओं का आना-जाना अधिक है या इलाके संवेदनशील हैं। पिंक पुलिस बूथ के साथ ही सिटी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाने हैं। वीटीएस सिस्टम भी लगना है, जिसे सर्विलांस सिस्टम के जरिये कमांड सेंटर से जोड़ा जाना है। ताकि वहां इन सबकी निगरानी हो सके और जरूरत पर महिलाओं व लड़कियों तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
अनियमितता बर्दाश्त नहीं
स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अजय द्विवेदी ने बताया कि अजय द्विवेदी बिना अनुमति टेंडर खोलने वालों को नोटिस जारी किया गया है। निविदा में पूरी तरह पारदर्शिता के लिए दोबारा टेंडर कराने का आदेश दिया गया है। किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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दिल्ली के निर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने शहर को महिलाओं व लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए सेफ सिटी योजना शुरू की। इस योजना में देश के सात अन्य शहरों के साथ लखनऊ भी शामिल है। इसके लिए 194 करोड़ रुपये का बजट भी दो साल पहले जारी हो चुका है। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक सेफ सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर लालबाग में स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर के पास बनाया जाना है। इसमें बिल्डिंग निर्माण का काम हो रहा है। इसी बिल्डिंग में जो हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जाना है और शहर में जो सर्विलांस सिस्टम बनना है, उसके सीसीटीवी व अन्य उपकरण लगाने व सेंटर चलाने को लेकर 91 करोड़ का टेंडर जारी हुआ था। यह टेंडर 30 सितंबर को टेंडर कमेटी के सामने उसके अनुमोदन से खुलना था, लेकिन स्मार्ट सिटी की पीएमसी के टीम लीडर पवन श्रीवास्तव व मुख्य वित्त अधिकारी बीपी सिंह ने टेक्निकल बिड खुद ही खोल दी। वह भी तब जबकि दो कंपनियों के ही टेंडर आए थे। बिना अनुमोदन टेंडर खोलकर उन्होंने यह पता कर लिया कि किन दो कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। नियमों के तहत किसी कार्य के लिए पहली बार में तीन टेंडर का होना आवश्यक माना जाता है।
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किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की साजिश
टू बिड टेंडर नियमों के तहत टेक्निकल बिड के बाद फायनेंसियल बिड खुलनी थी, लेकिन सेंधमारी का मामला सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने टेंडर निरस्त कर दोबारा टेंडर का आदेश दिया। जानकारों का कहना है कि बिना अनुमति टेंडर खोले जाने के पीछे उन कंपनियों को फायदा पहुंचाने की योजना थी जो करोड़ों के टेंडर हथियाना चाहती हैं। इसमें बैकडोर से उनको कुछ प्रभावशाली अफसर भी मदद कर रहे हैं।
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ये काम होने हैं
योजना के तहत महिलाओं व लड़कियों की सुरक्षा के लिए शहर भर ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम लगना है, जहां महिलाओं का आना-जाना अधिक है या इलाके संवेदनशील हैं। पिंक पुलिस बूथ के साथ ही सिटी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाने हैं। वीटीएस सिस्टम भी लगना है, जिसे सर्विलांस सिस्टम के जरिये कमांड सेंटर से जोड़ा जाना है। ताकि वहां इन सबकी निगरानी हो सके और जरूरत पर महिलाओं व लड़कियों तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
अनियमितता बर्दाश्त नहीं
स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अजय द्विवेदी ने बताया कि अजय द्विवेदी बिना अनुमति टेंडर खोलने वालों को नोटिस जारी किया गया है। निविदा में पूरी तरह पारदर्शिता के लिए दोबारा टेंडर कराने का आदेश दिया गया है। किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।