लखनऊ के इस अस्पताल में गर्भवती की मौत पर हंगामा, डॉक्टर-तीमारदार भिड़े
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सूचना पर पहुंची पुलिस को तीमारदारों ने तहरीर देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि तहरीर न लेते हुए पुलिस ने शव जल्द ले जाने का दबाव बनाया। गर्भवती के भाई ने सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है। सीतापुर मिश्रिख निवासी देशराज की पत्नी सावित्री (30) को प्रसव पीड़ा के बाद तीमारदार जिला अस्पताल ले गए थे।
डॉक्टरों ने जांच में गर्भ में शिशु की मौत होने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव कराने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इस बीच गर्भवती की हालत बिगड़ गई तो क्वीनमेरी रेफ र कर दिया। एंबुलेंस से तीमारदार मरीज को लेकर लखनऊ आ रहे थे।
गर्भवती के भाई ने लगाया आरोप
गर्भवती महिला के भाई श्रवण का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर रविवार देर रात मरीज को समर हॉस्पिटल पहुंचा दिया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत हो गई।
इससे नाराज तीमारदारों ने विरोध किया तो मारपीट की गई। इसके बाद अन्य तीमारदार जुटे तो डॉक्टर व स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग निकले। पुलिस को सूचना दी गई तो वह मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई के बजाय तीमारदारों को शव ले जाने का दबाव बनाने लगी।
पति का आरोप, ठेके पर मंगाया था मरीज
पुलिस पर लगाया मिलीभगत का आरोप
महिला के भाई श्रवण का आरोप है कि गर्भवती की मौत के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस बोली कि लाश लेकर जल्दी घर चले जाओ, बवाल करोेगे तो मुकदमा लिख देंगे। तीमारदारों की तहरीर भी नहीं ली।
तीमारदारों के आरोप गलत
- डॉ. अब्दुल मलिक, समर हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल
मामले की कराएंगे जांच
गर्भवती महिला की मौत मामले में जांच कराई जाएगी। तीमारदारों की अभी लिखित शिकायत नहीं आई है।
- डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
तीमारदारों ने नहीं दी तहरीर
मरीज की मौत की सूचना पर फोर्स संग पहुंचे थे। तीमारदारों के आरोप गलत है। तीमारदारों ने खुद तहरीर नहीं दी है।
- देशराज सिंह, दुबग्गा चौकी प्रभारी