Lucknow: अकबरनगर में भारी बवाल, तोड़फोड़-पथराव, इंस्पेक्टर जख्मी, सात नामजद व सैकड़ो अज्ञात पर केस
इलाके में सम्राट फर्नीचर वाले का गोदाम ध्वस्त किया जा रहा था। बिल्डिंग ढहने से सात मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। मकान क्षतिग्रस्त होने पर लोग भड़क गए और टीम को खदेड़ दिया।
विस्तार
लखनऊ के अकबरनगर में रविवार शाम ध्वस्तीकरण के दौरान भारी बवाल हो गया। एलडीए और पुलिस की टीम पर लोगों ने जमकर पथराव किया और गलियों से खदेड़ दिया। पथराव और भगदड़ में इंस्पेक्टर महानगर जख्मी हो गए। हालांकि गंभीर चोटें नहीं आईं। पीएसी के तीन जवान भी बवाल के दौरान गलियों में फंस गए। बमुश्किल तीनों किसी तरह खुद से ही बाहर निकल सके। गुस्साए लोगों ने पीएसी व पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ भी की। सूचना पर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था, डीसीपी सेंट्रल, एडीसीपी सेंट्रल समेत पुलिस-प्रशासन और एलडीए के अफसर मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद बवाल पर काबू पा सके। इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस और पीएसी बल की तैनाती की गई है।
एलडीए की तरफ से रविवार को अकबरनगर में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा था। अभियान के तहत कॉमर्शियल अवैध निर्माण ढहाए जा रहे थे। इसी के तहत सम्राट फर्नीचर वाले की कॉमर्शियल बिल्डिंग ढहाने के लिए टीम पहुंची। शाम करीब पांच बजे बिल्डिंग ढहाई गई। बिल्डिंग गिरने से आसपास के सात मकान भी जद में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लोग उग्र हो गए। टीम पर पथराव शुरू कर दिया। जेसीबी के ड्राइवर समेत पुलिस व एलडीए के कर्मचारियों ने गलियों से भागकर जान बचाई। भीड़ ने जमकर पथराव किया। इसी दौरान इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश मिश्र के पैर में चोट लग गई। हालांकि चोट गंभीर नहीं थी। जानकारी पर पुलिस अफसर भारी पुलिस बल लेकर पहुंच गए। ज्वाइंट सीपी कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने एनाउंसमेंट करके लोगों को समझाया। करीब एक घंटे बाद मामला शांत हुआ।
सात नामजद व सैकड़ो अज्ञात पर केस
मामले में एलडीए के अधिशासी अभियंता ने एफआईआर दर्ज कराई है। अधिशासी अभियंता के मुताबिक अकबरनगर के अबीदुल, अरशद वारसी, नौशाद, फाजिल, सैफ खान, आदिल और रहमान अली ने भीड़ को उकसाया और हमला कर पथराव किया। पुलिस वीडियो और फोटो के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
पीएसी के जवानों के फंसने से अफसरों के हाथ-पैर फूले
बवाल शुरू होते ही भगदड़ मच गई थी। सभी लोग भागकर मुख्य सड़क पर आ गए। कुछ देर बाद पता चला कि पीएसी के तीन जवान भीतर ही रह गए हैं। इससे पुलिस व पीएसी के अफसरों के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस के अफसर गली में दोबारा घुसकर पीएसी के जवानों को निकालने की योजना बनाने लगे। इसी दौरान एलडीए के अफसर और एडीसीपी सेंट्रल से तीखी बहस होने लगी। एडीसीपी ने आश्वासन दिया कि वह किसी भी तरह जवानों को बाहर निकालेंगी। इसी दौरान तीनों जवान खुद ही दूसरी तरफ से निकलकर आ गए। पता चला कि कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। मगर वह किसी तरह से बचकर भाग निकले।
शुरुआत में गली में पथराव हुआ। जब फोर्स सड़क पर आ गई तो वहां भी पथराव किया गया। छतों से भारी पथराव हुआ। पॉलिटेक्निक से बादशाहनगर की तरफ जाने वाली सड़क (दोनों तरफ की) ईंट-पत्थरों से पट गई। पहले पुलिस बल कम था, इसलिए भीड़ हावी हो रही थी लेकिन चंद मिनटों में पुलिस बल पहुंचा तब लोगों को खदेड़ दिया गया। जिसके बाद मामला शांत हो सका।
उग्र भीड़ ने पीएसी के एक वाहन पर पथराव कर तोड़फोड़ की। पुलिस की एक-दो बाइकें तोड़ दीं। समय रहते पुलिस बल के पहुंचने की वजह से बवाल कम समय में नियंत्रित कर लिया गया। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल का कहना है कि अवैध कॉमर्शियल बिल्डिंग गिराई जा रही थी। तभी लोगों ने पथराव किया। तत्काल पुलिस बल पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।
सात मकान क्षतिग्रस्त, दिए जाएंगे प्रधानमंत्री आवास
अकबरनगर द्वितीय में सम्राट फर्नीचर का सकरी गली में चार मंजिला गोदाम ध्वस्त करने के दौरान आसपास के सात परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गोदाम एवं मकान गिरने के कारण इन सात मकानों में दरारें आ गईं। एलडीए के उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सातों परिवारों को बसंतकुंज योजना में प्रधानमंत्री आवास देने का आश्वासन दिया है। पथराव और बवाल थमने के बाद जिन परिवारों के मकानों में दरारें आई थीं, उनसे डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मुलाकात की। मातहतों के साथ उन्होंने क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण किया। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि सभी परिवारों का ब्योरा दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को रूबीना, फिरदौस, परवीन बानो, शाहीन, शहनाज बानो समेत सात परिवारों को प्रधानमंत्री आवास के आवंटन पत्र सौंप कर उनको विस्थापित करने में सहयोग किया जाएगा।
अकबरनगर में घुप्प अंधेरा
एलडीए और पुलिस टीम पर अकबरनगर में प्रथम एवं द्वितीय दोनों तरफ की बस्ती से लोगों ने पथराव किया। बीच में फंसी टीमों को बचाने के लिए आननफानन बिजली कटवाई गई। बिजली कटते ही अकबरनगर में घुप्प अंधेरा होने पर फोर्स पथराव करने वालों पर अंकुश लगा पाई। बिजली करीब शाम 7:45 बजे तक ढाई घंटे बंद रही। पुलिस ने फिर बैरिकेडिंग करके अकबरनगर के घरों से सड़क पर आने वालों का आवागमन रोका।
तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठान तोड़े, महिलाओं का प्रदर्शन
एलडीए टीम ने रविवार सुबह अदालत के आदेश पर तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तोड़ा। इनमें दो सकरी गली में थे तो एक मुख्य सड़क पर। सकरी गली के व्यावसायिक प्रतिष्ठान को तोड़ने के दौरान ही बवाल हुआ। हालांकि, अकबरनगर के दोनों तरफ की बस्ती में रविवार सुबह से ही तनाव था। दरअसल, इमरान राजा के परिवार को घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इस अल्टीमेटम से नाराज 200 महिलाओं ने इमरान के घर के सामने डेरा डालकर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। इमरान बस्ती के घरों व दुकानों को बचाने के लिए अदालत में पैरवी कर रहे हैं। दोबारा टीमें जब इमरान के घर पहुंचीं तो महिलाओं को देख करके लौट गई थीं।
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