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एंटीजन में निगेटिव आने पर भी होगी आरटीपीसीआर जांच, 1831 लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा

Tue, 27 Oct 2020 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2020 01:56 AM IST
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RTPCR test will be done even after negative report in antigen
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
केस-1
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गोमती नगर निवासी 40 वर्षीय युवक सात अक्तूबर को पॉजिटिव आया था। 19 को एंटीजन टेस्ट में निगेटिव, लेकिन आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव निकला। अब उसे सप्ताह भर बाद दोबारा जांच कराने के लिए कहा गया है।
केस-2
सैनिक विहार निवासी 25 वर्षीय युवती वायरस की चपेट में आ गई थी। 15 दिन बाद एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आई। हालांकि, आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जब सप्ताह भर बाद दोबारा जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई।
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कोरोना की चपेट में आने वालों की एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी दोबारा आरटीपीसीआर कराई जाएगी। सप्ताह भर में ऐसे 1831 लोगों का सैंपल जांच को भेजा गया है। प्रदेश भर में यह संख्या करीब 97,284 है। राजधानी में 62 हजार लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से करीब 58 हजार लोग ठीक हो चुके हैं।
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एंटीजन जांच में ये निगेटिव, आरटीपीसीआर में पॉजिटिव आ रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आने वालों की दोबारा आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। राजधानी के ऐसे 1831 लोगों को चुना गया है।

अलग-अलग इलाकों से लिए जाएंगे सैंपल

RTPCR test will be done even after negative report in antigen
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

सैंपल अलग-अलग इलाकों से लिए जाएंगे। ऐसे में इसका भी मूल्यांकन होगा कि किस इलाके में एंटीजन और आरटीपीसीआर की जांच में अंतर मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत एंटीजन जांच हो रही है। इसमें मरीजों को तुरंत परिणाम बता दिया जाता है। जरूरत के हिसाब से कुछ के सैंपल आरटीपीसीआर को भेजे जा रहे हैं।

तमाम ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें पूरी तरह ठीक होने के बाद भी मरीज आरटीपीसीआर में पॉजिटिव आ रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि यदि किसी के शरीर में वायरस मृत अवस्था में है तो भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। सामान्य तौर पर लक्षण दिखने के सातवें दिन के बाद बुखार या अन्य तकलीफ नहीं है तो व्यक्ति को दसवें दिन निगेटिव मान लिया जाता है और उसे 14 दिन अतिरिक्त क्वारंटीन रहना चाहिए। इस तरह कह सकते हैं कि 24 दिन में वायरस की चपेट में आने वाला निगेटिव हो जाता है। - डॉ. तूलिका चंद्रा, विभागाध्यक्ष ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, केजीएमयू

 

एंटीजन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और किसी तरह के लक्षण हैं या पॉजिटिव आने का वक्त कम है तो उनकी दोबारा जांच कराई जा रही है। इसमें देखा जाएगा कि दोनों रिपोर्टों में कितना अंतर है। इसका भी मूल्यांकन होगा कि किस इलाके में ज्यादा अंतर आ रहा है।  - डॉ. केपी त्रिपाठी, एसीएमओ 

 

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