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प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर बेचने वाला टिकट दलाल गिरफ्तार, बरामद हुआ ये सामान
Tue, 18 Aug 2020 04:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 18 Aug 2020 04:36 PM IST
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आरपीएफ की गिरफ्त में आया दलाल
- फोटो : amar ujala
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आरपीएफ ने ऐसे टिकट दलाल को नाका चौराहे से गिरफ्तार किया, जो तत्काल टिकट बनाने वाले प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेड मैंगो और ब्लैक वोल्टी बेच रहा था। आरोपी की पहचान पारा स्थित हंसखेड़ा की आवास विकास कॉलोनी निवासी सत्यम के रूप में हुई। उसके पास से प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर भी बरामद हुए।
शुरुआती जांच में गिरोह के सॉफ्टवेयर की खरीद-फरोख्त के तार कोलकाता, मुंबई, मालेगांव से जुड़े बताए जा रहे हैं। बिहार निवासी सरगना समेत 18 शातिराें की तलाश की जा रही है। वहीं, जेल भेजने से पहले कोरोना जांच में आरोपी पॉजिटिव निकला। इसके बाद आरपीएफ टीम को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच आरपीएफ अमित कुमार राय ने बताया कि 15 अगस्त की रात मोहिबुल्लापुर रेलवे पीआरएस से टिकट दलाल निखिल को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर सत्यम दबोचा गया। लखनऊ से पहली बार प्रतिबंधित नए सॉफ्टवेयर से संबंधित दलाल को गिरफ्तार किया गया है।
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इतने में बेचता था सॉफ्टवेयर
अमित राय ने बताया कि तीन तरह के सॉफ्टवेयर बेचे जा रहे थे। दो यात्रियों के तत्काल टिकट एक साथ बुक करने वाला सॉफ्टवेयर 3000 रुपये, तीन यात्रियों वाला 3500 रुपये और चार का 4000 रुपये प्रति माह लिया जाता था।
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शुरुआती जांच में गिरोह के सॉफ्टवेयर की खरीद-फरोख्त के तार कोलकाता, मुंबई, मालेगांव से जुड़े बताए जा रहे हैं। बिहार निवासी सरगना समेत 18 शातिराें की तलाश की जा रही है। वहीं, जेल भेजने से पहले कोरोना जांच में आरोपी पॉजिटिव निकला। इसके बाद आरपीएफ टीम को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
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इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच आरपीएफ अमित कुमार राय ने बताया कि 15 अगस्त की रात मोहिबुल्लापुर रेलवे पीआरएस से टिकट दलाल निखिल को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर सत्यम दबोचा गया। लखनऊ से पहली बार प्रतिबंधित नए सॉफ्टवेयर से संबंधित दलाल को गिरफ्तार किया गया है।
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इतने में बेचता था सॉफ्टवेयर
अमित राय ने बताया कि तीन तरह के सॉफ्टवेयर बेचे जा रहे थे। दो यात्रियों के तत्काल टिकट एक साथ बुक करने वाला सॉफ्टवेयर 3000 रुपये, तीन यात्रियों वाला 3500 रुपये और चार का 4000 रुपये प्रति माह लिया जाता था।
ऐसे काम करता है सॉफ्टवेयर
सत्यम के मोबाइल फोन से प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर की खरीद-फरोख्त के साक्ष्य मिले। सुपर सेलर, सेलर व एजेंट से लेनदेन के बाबत पेटीएम, बैंक खाता संख्या का भी रिकॉर्ड मिला। कोलकाता के एक दलाल से 3.05 लाख रुपये के जनवरी में बने टिकट व पेमेंट का साक्ष्य भी मिला है। पुराने काउंटर टिकट की फोटो व आईडी भी मिली।
रेड मैंगो, ब्लैक वोल्टी सॉफ्टवेयर में यात्रियों की डिटेल पहले से भर ली जाती थी। जैसे ही तत्काल आरक्षण खुलता था, बस एक क्लिक पर टिकट बुक हो जाते थे। ये सॉफ्टवेयर ओटीपी ऑटोमेटिक ले लेते हैं और चंद सेकंडों में कन्फर्म टिकट मिल जाता है।
रेड मैंगो, ब्लैक वोल्टी सॉफ्टवेयर में यात्रियों की डिटेल पहले से भर ली जाती थी। जैसे ही तत्काल आरक्षण खुलता था, बस एक क्लिक पर टिकट बुक हो जाते थे। ये सॉफ्टवेयर ओटीपी ऑटोमेटिक ले लेते हैं और चंद सेकंडों में कन्फर्म टिकट मिल जाता है।