बीबीएयू से निष्कासित छात्रों के समर्थन में उतरीं रोहित वेमुला की मां
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विवि से निष्कासित आठ छात्रों के समर्थन में शनिवार को राष्ट्रीय छात्र संसद का आयोजन किया गया। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित संसद में हैदराबाद के रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं।
उन्होंने कहा कि यदि विवि प्रशासन ने इन छात्रों का निष्कासन वापस नहीं लिया तो वे आमरण अनशन करेंगी। राधिका ने कहा कि जब उनके बेटे रोहित का निष्कासन हुआ था तो कोई मां आगे नहीं आई थी, लेकिन इन वे आठ छात्रों के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि बीबीएयू की घटना रोहित की याद इसलिए भी दिलाती है क्योंकि उसे भी निष्कासन से पहले पक्ष रखने का मौका नहीं मिला था। रायबरेली रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम से पहले राधिका ने बीबीएयू के गेट नंबर तीन पर पहुंचकर प्रतीकात्मक विरोध जताया।
शिक्षकों के 50 फीसदी पदों पर हो आरक्षण
संसद के दौरान समिति की ओर से कुछ प्रस्ताव भी पारित किए गए। इसमें बीबीएयू के छात्रों का निष्कासन वापस लेने के साथ ही सभी केंद्रीय विवि में दलित छात्रों के उत्पीड़न पर केंद्र सरकार की ओर से उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर गहन जांच करते हुए श्वेत पत्र जारी करने को कहा गया।
समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बीबीएयू सहित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व अन्य कार्मिक पदों पर 50 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
दलित छात्रों की फीस कम की जाए। चयन प्रक्रिया ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी हो। बीबीएयू में कुलपति के आरक्षण विरोधी निर्णय की जांच का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
रोहित वेमुला के नाम पर हो हैदराबाद विवि
छात्र संसद के दौरान समिति ने प्रस्ताव पारित किया कि हैदराबाद विवि का नाम रोहित वेमुला के नाम पर किया जाए। इतना ही नहीं, रोहित वेमुला अधिनियम बनाकर भविष्य में होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जाए।
लोकसभा में लंबित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन बिल को पास कराने केलिए मोदी सरकार अविलंब विशेष सत्र बुलाए। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विवि के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रतन लाल की पुस्तक ‘और कितने रोहित’ का विमोचन भी किया गया। बीबीएयू की पूर्व शोध छात्रा बेला तुर्के ने विवि के प्रेक्षागृह का नामकरण बाबा साहेब की जगह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए जाने का विरोध किया।
अवधेश वर्मा ने कहा कि वे बीबीएयू के कुलपति व आरक्षण विरोधी सभी प्रोफेसर को बदलवाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। मालूम हो कि बीबीएयू में गत सात सितंबर की रात एक शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी को पीटने के आरोप में आठ छात्रों का निष्कासन हुआ था।
छात्रों का पक्ष सुनने के बाद तीन को बहाल किया जा रहा था, लेकिन आरक्षण समर्थक सभी को बहाल करने की मांग पर अड़े हैं। कार्यक्रम में हैदराबाद, जेएनयू, डीयू, बीएचयू, लविवि सहित देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से छात्र नेताओं, शिक्षकों ने हिस्सा लिया।