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गोमतीनगर में हथियारबंद बदमाशों का धावा, मां-बेटी को बंधक बनाकर ले गए नकदी व जेवर

Thu, 24 Dec 2020 01:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 01:47 AM IST
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Robbery in the house of engineer
गोमतीनगर में इंजीनियर की पत्नी-बेटी को बंधक बनाकर डकैती
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गोमती नगर में मंगलवार देर रात हथियारबंद आठ बदमाशों ने गन्ना विभाग के इंजीनियर वाईके श्रीवास्तव के परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली। घर पर इंजीनियर की पत्नी निशा व बेटी अकेली थीं।
जबकि इंजीनियर व उनका बेटा मेरठ में थे। सबसे पहले बदमाशों ने मां-बेटी को बाथरूम में व उनके पालतू कुत्ते को मकान के प्रथम तल पर कैद कर दिया।
इसके बाद करीब दो घंटे तक घर खंगाला और 1.5 लाख नकद व छह लाख रुपये के जेवर समेट ले गए। डकैती की सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक व डॉग स्क्वायड को बुलाकर छानबीन की।
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दोपहर में पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने भी मौका मुआयना किया। उन्होंने वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई हैं। इसमें सर्विलांस व क्राइम ब्रांच की टीम भी शामिल हैं।
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तहरीर को लेकर पुलिस व परिवारीजनों के बीच कहासुनी भी हुई। लेकिन बाद में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया।
गोमती नगर के विराजखंड-4 में रहने वाले वाईके श्रीवास्तव गन्ना विभाग में इंजीनियर हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती मेरठ में है।
शनिवार को वह घर आए थे और मंगलवार रात ही बेटे प्रवर के साथ नौचंदी एक्सप्रेस से लौट गए थे। इंजीनियर के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब पांच बजे पत्नी निशा ने कॉल कर डकैती की जानकारी दी तो होश उड़ गए।
इंजीनियर ने अपने परिचितों व आसपास के लोगाें को वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी।
मां-बेटी को चादर से बांध बाथरूम में किया बंद
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के अनुसार, पूछताछ में निशा ने बताया कि बदमाश मंगलवार देर रात करीब दो बजे घर में घुसे थे। बदमाशों ने ड्राइंग रूम की खिड़की में लगे लोहे की ग्रिल को पेंचकस से खोला था। पूरा परिवार दो मंजिला मकान के निचले हिस्से में ही रहता है। आहट सुनकर उनकी व बेटी जीनिया की नींद खुल गई। कमरे से बाहर निकलते ही बदमाशों ने मां-बेटी को दबोच लिया और चादर से बांधकर बाथरूम में डाल दिया।
आवाज आई तो हत्या कर देंगे
निशा ने बताया कि डरी-सहमी बेटी के चीखने पर डकैतों ने धमकाया कि आवाज आई तो हत्या कर देंगे। दोनों के मोबाइल छीनने के बाद बदमाशों ने दो घंटे तक सभी कमरों में आलमारी व बॉक्स बेड खंगाले। इस दौरान हाथ आया नकदी व जेवरात समेट कर पिछले दरवाजे से भागने लगे तो ताला लगा था। चाबी नहीं मिली तो लोहे की रॉड से कुंडी को तोड़ दिया। तड़के 4.30 बजे रेलवे लाइन किनारे होते हुए डकैत भाग निकले। मकान से रेल ट्रैक महज पचास मीटर दूर है।
तीन घंटे बाद हो पाईं बंधनमुक्त, रिटायर्ड जज के परिवार से मांगी मदद
निशा ने बताया कि जीनिया ने सुबह पांच बजे किसी तरह खुद को बंधक मुक्त किया और घर के सामने रहने वाले रिटायर्ड जज एससी मिश्रा के घर जाकर मदद मांगी। उनके वकील बेटे ने जीनिया से जानकारी लेकर डायल 112 को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस की एक टीम घर के पिछले दरवाजे से चंद कदमों की दूरी पर स्थित रेलवे लाइन के किनारे दो किलोमीटर तक दोनों तरफ गई लेकिन, कोई सुराग हाथ नहीं लगा। खोजी कुत्ता भी कमरों में घूमने के बाद पिछले दरवाजे से बाहर निकला और ट्रैक के पास टहलकर लौट आया। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने भी कमरों से साक्ष्य जुटाए। पुलिस की टीम इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
अंदर डकैतों का तांडव, बाहर पुलिस कर रही थी गश्त
पुलिस आयुक्त का कहना है कि जब बदमाश इंजीनियर के घर पर घुसे थे तभी पुलिस की गश्त टीम वहां से गुजरी थी। पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर इंजीनियर की पत्नी चीखीं तो एक बदमाश ने उनका मुंह दबा दिया। इसके बाद मां-बेटी को बाथरूम में चादर से बांधकर डाल दिया था। पुलिस के जाने के कुछ देर बाद बदमाशों न सामान समेटा और भाग गए।
नहीं बजा सेंसरयुक्त हूटर, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर ले गए
इंजीनियर ने बताया कि 2016 में पड़ोस में रहने वाले वन विभाग के अधिकारी के घर डकैती पड़ी थी। इससे सतर्क होकर घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। मुख्य द्वार की तरफ तीन कैमरे लगे हैं। इसमें दो घर के अंदर व बाहर के अलावा एक कैमरा मुख्य सड़क पर आने जाने वालों पर नजर रखता है। सेंसरयुक्त हूटर भी लगवाया है। ताकि कोई भी अंजान व्यक्ति दाखिल हो तो हूटर बजने लगे और परिवार अलर्ट हो जाए। लेकिन मंगलवार रात को हूटर भी नहीं बजा। बदमाशों ने सबसे पहले लैब्राडोर कुत्ते को घर के ऊपरी हिस्से में एक कमरे में बंद कर दिया और एक सीसीटीवी कैमरे को ऊपर की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद भागते वक्त कमरे में रखे डेटा वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) भी ले गए।
घर में घुसते ही बदमाशों ने पूछा था कुत्ता कहां है
बदमाशों ने घर में घुसते ही इंजीनियर की पत्नी और बेटी से पूछा था कुत्ता कहां है। पूछताछ में मिली इस जानकारी को पुलिस अहम मान रही है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि इससे लग रहा है कि वारदात में बांवरिया या घुमंतू गिरोह का नहीं बल्कि किसी इलाकाई गैंग अथवा घर की स्थिति से परिचित बदमाशों का हाथ है। बदमाश यह भी जानते थे कि इंजीनियर घर पर नहीं है।

बदमाशों की संख्या पर इंजीनियर व पुलिस में कहासुनी
पीड़ित निशा के मुताबिक, घर में दाखिल बदमाशों की संख्या आठ थी और सभी के हाथ में धारदार हथियार थे। हालांकि बदमाशों की संख्या को लेकर पुलिस व इंजीनियर में काफी देर तक मोबाइल पर कहासुनी भी हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बदमाशों की संख्या कम दिखाकर ही तहरीर देने का दबाव बना रही थी। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप पर पुलिस ने डकैती में मुकदमा दर्ज किया। सूचना पर डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन, एडीसीपी मो. सैय्यद कासिम आबिदी, एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र सिंह और इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सिंह मौके पर गए थे।
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