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पांच करोड़ से ऊपर की हर सड़क की होगी थर्ड पार्टी जांच: केशव मौर्य
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 17 Dec 2017 05:09 PM IST
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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प्रदेश में पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत की प्रत्येक सड़क की थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने इस बाबत नियम-कायदे तय कर दिए हैं। सड़कों के प्रत्येक किलोमीटर में 200 मीटर के अंतर पर तीन जगहों से जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे।
सरकार के लिए भी सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। तमाम सड़कें समय से पहले ही उधड़ जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रत्येक सड़क की थर्ड पार्टी जांच का फैसला किया। हाल ही इसके लिए शासनादेश जारी किया गया था। साथ ही पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह को नियम-कायदे तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश में चल रहे पांच करोड़ से अधिक लागत की सड़क के सभी कामों की क्षेत्रवार और जिलेवार सूची बनाई जाएगी। इन कामों की थर्ड पार्टी जांच के लिए आईडीएस वृत्त लखनऊ के अधीक्षण अभियंता राजकीय संस्थानों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) लेंगे।
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सरकार के लिए भी सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। तमाम सड़कें समय से पहले ही उधड़ जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रत्येक सड़क की थर्ड पार्टी जांच का फैसला किया। हाल ही इसके लिए शासनादेश जारी किया गया था। साथ ही पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह को नियम-कायदे तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश में चल रहे पांच करोड़ से अधिक लागत की सड़क के सभी कामों की क्षेत्रवार और जिलेवार सूची बनाई जाएगी। इन कामों की थर्ड पार्टी जांच के लिए आईडीएस वृत्त लखनऊ के अधीक्षण अभियंता राजकीय संस्थानों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) लेंगे।
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सड़क की प्रत्येक सतह की होगी जांच
पांच करोड़ रुपये से ऊपर की हर सड़क की प्रत्येक सतह की जांच कराई जाएगी। जांच के लिए मैटेरियल के नमूने प्रत्येक किलोमीटर में 200 मीटर के अंतर पर तीन स्थानों से लिए जाएंगे। जांच पर आने वाला खर्च सड़कों के एस्टीमेट में शामिल होगा। हर खंड को तय राशि का ड्राफ्ट निर्माण खंड-2, लखनऊ में जमा करना होगा।
5 करोड़ से कम लागत की सड़कों की भी होगी रैंडम चेकिंग
पांच करोड़ से कम लागत की सभी सड़कें चेक नहीं होंगी, पर 10-20 फीसदी सड़कों को रैंडम आधार पर चेकिंग के लिए जरूर चुना जाएगा। ऐसी सड़कों की थर्ड पार्टी जांच का निर्णय प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष अपने स्तर से लेंगे।
5 करोड़ से कम लागत की सड़कों की भी होगी रैंडम चेकिंग
पांच करोड़ से कम लागत की सभी सड़कें चेक नहीं होंगी, पर 10-20 फीसदी सड़कों को रैंडम आधार पर चेकिंग के लिए जरूर चुना जाएगा। ऐसी सड़कों की थर्ड पार्टी जांच का निर्णय प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष अपने स्तर से लेंगे।