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मातम में बदला त्योहार, सड़क हादसे में 10 की मौत

Wed, 16 Oct 2013 01:42 AM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
संजय त्रिपाठी/लखनऊ Updated Wed, 16 Oct 2013 01:42 AM IST
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road accident in malihabad

लखनऊ के महिलाबाद में हुए सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत और 14 लोगों के घायल होने की खबर मिलते ही चांद दिवारी गांव में कोहराम मच गया।

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मंगलवार की देर शाम मृतकों के शव गांव पहुंचे, तो चीख पुकार मच गई। बकरीद से एक दिन पहले हुए हादसे से पूरा गांव गम के अंधेरे में डूब गया।

कासिमपुर क्षेत्र के चांदपुर दिवारी गांव से बीते दिन कुछ लोग बकरे लेकर लखनऊ के बकरा बाजार में बेंचने गए थे। बीती रात पिकप से वापस लौट रहे थे।

इसी बीच मलिहाबाद के महमूद नगर पाठकगंज ढाल पर पलटे एक ट्रक से पिकप टकरा गया, जिससे चांदपुर दिवारी गांव निवासी वाहिद, रऊफ, अयूब, फरीद, मन्नान, मोहम्मद मतीन, मुबारक, इकबाल और छत्ताखेड़ा निवासी नरायन का पुत्र बांकेलाल समेत ट्रक चालक अतरौली क्षेत्र के मवई गांव निवासी पंकज की मौत हो गई।
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डाला सवार चांदपुर दिवारी गांव निवासी हाकिम, इख्तियार, सुफियान, रशीद, इरफान, नसीम, यूनुस, इदरीश, सुल्तान, रामबरन, रामकिशन, बालक , शफीक और अरमान घायल हो गए। घायलों को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर भेजा गया।
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देर शाम शव गांव पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। जानकारी पर पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान और एमएलसी अब्दुल हन्नान, सीओ सुखराम भारती आदि गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।


गांव के हर घर से चीख पुकार की आवाजें आ रही थी। उधर, रमजान के बेटे अयूब और फरीद की मौत ने परिवार को झकझोर दिया।

उधर, बकरीद के एक दिन पहले हुए हादसे में चांदपुर दिवारी गांव में बकरीद की खुशियां छिन गई। गमगीन परिजनों के साथ बच्चे भी बिलख रहे थे।

कभी एक दिन पहले जो बच्चे नए कपड़े पहनने और पकवान की खुशियों में डूबते थे, वह आज रो रोकर अपने पिता को पुकार रहे थे।

छत्ता खेड़ा निवासी बांके लाल (50) बकरे आदि लादने का काम करते थे। मंगलवार को वह भी डाले पर बकरों को लादकर लखनऊ जा रहे थे।

मजदूरी करके ही घर की गृहस्थी की गाड़ी चल रही थी। उधर, चांदपुर दिवारी गांव के आठ लोगों की मौत के बाद देर शाम जब शव गांव पहुंचे तो कब्र खोदने वालों की संख्या कम पड़ गई।

ऐसे में पड़ोसी गांव के लोग व रिश्तेदार भी कब्र खुदवाने में जुट गए। गमगीन माहौल में सभी शवों को सुपुर्द ए खाक किया गया।

ट्रक चालक पंकज तिवारी (22) का शव लेकर प्रधान सरल द्विवेदी व परिजन गांव मवइया मजरा बहुती पहुंचे, तो कोहराम मच गया। शव देख पिता शिवकुमार तिवारी बिलख पड़े।

उन्होंने बताया कि उसका पुत्र बहुत ही होनहार था। वह कई वर्षो से ट्रक चालक का काम कर रहा था। पंकज का विवाह तय था। विवाह से पहले ही उसकी मौत हो गई।

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