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रिवर फ्रंट घोटाला: दो दिन के छापों के इनपुट से रडार पर आए कई अफसर और नेता, सीबीआई को मिले अहम दस्तावेज और नकदी

Tue, 06 Jul 2021 11:51 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 06 Jul 2021 11:51 PM IST
सार

सीबीआई ने सैकड़ों करोड़ के इस घपले में सोमवार को सिंचाई विभाग के 16 इंजीनियरों व कर्मचारियों समेत ठेका लेने वालों के ठिकाने पर छापा मारने की कार्यवाही शुरू की थी। इन जगहों से मिले अहम सुबूतों से सीबीआई टीम काफी उत्साहित है। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रखते हुए सीबीआई ने कुछ ठिकानों पर छापे मारे।  मेरठ में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के ससुराल में तलाशी ली गई है, जहां घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। 

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River Front Scam Many officers and leaders came on the radar with the input of two days of raids
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को छापे मारे। मेरठ में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के ससुराल में भी तलाशी ली गई। अब तक इस मामले में आरोपी बनाए गए सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और फर्मों, कंपनियों और निजी लोगों के 49 ठिकानों की तलाशी हो चुकी है। जहां से अहम दस्तावेज, लैपटॉप व कम्प्यूटर से डिजिटल डाटा और नकदी सीबीआई के हाथ लगी है।
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सीबीआई ने सैकड़ों करोड़ के इस घपले में सोमवार को सिंचाई विभाग के 16 इंजीनियरों व कर्मचारियों समेत ठेका लेने वालों के ठिकाने पर छापा मारने की कार्रवाई शुरू की थी। इन जगहों से मिले अहम सुबूतों से सीबीआई टीम काफी उत्साहित है। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रखते हुए सीबीआई ने कुछ ठिकानों पर छापे मारे। 
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मेरठ में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की ससुराल में तलाशी ली गई है, जहां घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। बताते हैं कि आईएएस के रिश्तेदार की कंपनी ने रिवर फ्रंट के निर्माण में कार्य किया था। इस कंपनी का मुख्यालय मेरठ में है।
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सीबीआई के हाथ जो सुबूत लगे हैं, उससे कई अन्य आईएएस अधिकारियों के रिश्तेदार भी सीबीआई के रडार पर आ गए हैं। सोमवार के छापों से मिले इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीबीआई ने दो जुलाई को इस घोटाले के संबंध में मुकदमा दर्ज किया था। 

सिंचाई विभाग के 16 तत्कालीन इंजीनियरों और कर्मचारियों समेत कुल 189 लोगों को नामजद किया गया। मुकदमा दर्ज करने के बाद सोमवार को सीबीआई ने भाजपा विधायक समेत कुल 40 ठिकानों पर छापा मारा था। गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के विधायक राकेश सिंह बघेल के आवास पर कार्रवाई की गई थी। 

इटावा में गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के आरोपी ठेकेदार पुनीत अग्रवाल के आवास पर सीबीआई टीम सोमवार की रात दो बजे तक रही। करीब चार घंटे गहन छानबीन की। उनके घर से कुछ दस्तावेज लेकर टीम वापस लखनऊ आ गई।

मंगलवार को कुल सात अन्य ठिकानों पर भी सीबीआई टीम पहुंची। इन जगहों पर उसे नकदी के साथ ही अरोपियों की अवैध संपत्ति से जुड़े कागजात भी मिले हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अभी कुछ और स्थानों पर भी कार्रवाई कर सकती है। 

अब सीबीआई का फोकस आरोपियों के नेटवर्क पर है, जिससे यह पता चल सके कि इस घोटाले में किन अफसरों और निजी लोगों ने आरोपियों का साथ दिया। इस पहलू पर गंभीरता से  जांच की जा रही है कि किन अधिकारियों और नेताओं ने आरोपियों की मदद की।
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