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Lucknow News: नलिनी की पूर्वव्यापी कला प्रदर्शनी शुरू
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ललित कला अकादमी में लगाई गई प्रदर्शनी में किया गया कार्यक्रम
लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से बृहस्पतिवार को वरिष्ठ कलाकार नलिनी कुमार मिश्रा की पूर्वव्यापी कला प्रदर्शनी की शुरुआत की गई। कैसरबाग स्थित लाल बारादरी में लगी प्रदर्शनी में नलिनी की वॉश शैली पर आधारित 72 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
अकादमी ने इस दौरान सम्मान समारोह का भी आयोजन किया। इसमें नलिनी के साथ तीन अन्य कला शिक्षकों राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इफ्तिखार खान, राजेश कुमार त्यागी और प्रकाश नारायण सिंह को सम्मानित किया गया। नलिनी की अनुपस्थिति में उनके पुत्र हेमंत कुमार मिश्र ने यह सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर नलिनी कुमार मिश्र के कृतित्व पर आधारित एक मोनोग्राफ का भी विमोचन किया गया। इसे अकादमी के सदस्य डॉ. दुर्जन सिंह राणा ने संपादित किया है।
उप्र संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष डॉ. जयंत खोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नलिनी की कला साधना और कृतियों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अकादमी के पूर्व अध्यक्ष सीताराम कश्यप, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार सक्सेना आदि उपस्थित रहे। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कला शिक्षा में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने पर गर्व व्यक्त किया। अकादमी के निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदर्शनी 22 अक्तूबर तक चलेगी। यह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी के लिए खुली रहेगी।
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जानें पूर्वव्यापी प्रदर्शनी का अर्थ
किसी कलाकार के पूरे जीवन या कॅरिअर के काम को उसकी शुरुआत से देखना पूर्वव्यापी कला प्रदर्शनी कहलाता है। इसमें किसी कलाकार की सबसे पहली कलाकृति से लेकर सबसे नई कृति का एक ही जगह प्रदर्शन किया जाता है।
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अकादमी ने इस दौरान सम्मान समारोह का भी आयोजन किया। इसमें नलिनी के साथ तीन अन्य कला शिक्षकों राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इफ्तिखार खान, राजेश कुमार त्यागी और प्रकाश नारायण सिंह को सम्मानित किया गया। नलिनी की अनुपस्थिति में उनके पुत्र हेमंत कुमार मिश्र ने यह सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर नलिनी कुमार मिश्र के कृतित्व पर आधारित एक मोनोग्राफ का भी विमोचन किया गया। इसे अकादमी के सदस्य डॉ. दुर्जन सिंह राणा ने संपादित किया है।
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उप्र संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष डॉ. जयंत खोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नलिनी की कला साधना और कृतियों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अकादमी के पूर्व अध्यक्ष सीताराम कश्यप, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार सक्सेना आदि उपस्थित रहे। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कला शिक्षा में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने पर गर्व व्यक्त किया। अकादमी के निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदर्शनी 22 अक्तूबर तक चलेगी। यह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी के लिए खुली रहेगी।
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जानें पूर्वव्यापी प्रदर्शनी का अर्थ
किसी कलाकार के पूरे जीवन या कॅरिअर के काम को उसकी शुरुआत से देखना पूर्वव्यापी कला प्रदर्शनी कहलाता है। इसमें किसी कलाकार की सबसे पहली कलाकृति से लेकर सबसे नई कृति का एक ही जगह प्रदर्शन किया जाता है।

ललित कला अकादमी में लगाई गई प्रदर्शनी में किया गया कार्यक्रम

ललित कला अकादमी में लगाई गई प्रदर्शनी में किया गया कार्यक्रम

ललित कला अकादमी में लगाई गई प्रदर्शनी में किया गया कार्यक्रम