रिटायर्ड पीसीएस अफसरों को मिलेंगे हेल्थ कार्ड
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं को और भी बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्हें हेल्थ कार्ड की सुविधा दिए जाने के लिए जल्द ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
मुख्य सचिव शनिवार को राजस्व परिषद के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में पीसीएस (रिटायर्ड) वेलफेयर एसोसिएशन के सम्मेलन में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों के सेवा संबंधी प्रकरणों का निपटारा प्राथमिकता से कराया जाएगा।
उन्होंने एसोसिएशन की मांगों पर 15 दिन में प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक से वार्ता कराने का आश्वासन भी दिया। राजस्व परिषद के सचिव आलोक कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जायसवाल ने अतिथियों के सामने प्रमुख मांगें रखीं। सेवानिवृत्त अधिकारी बाबा हरदेव सिंह ने संगठन को और भी अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
पीसीएस वेलफेयर एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
पीसीएस वेलफेयर की प्रमुख मांगे ये हैं। न्यायिक कार्य करने वाले सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारियों को न्यायिक सेवानिवृत्त अधिकारियों के समान घरेलू नौकर भत्ता, परिवारिक पेंशनरों को नौकर भत्ता और चिकित्सा भत्ता दिया जाए।
पेंशन में 65 वर्ष पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष में 10 प्रतिशत, 75 वर्ष में 15 प्रतिशत और 80 वर्ष में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। एक सहायक के साथ एलटीसी (लीव ट्रेवलिंग कम्पन्सेशन सुविधा) प्रदान की जाए। परिवहन निगम की बसों में रेलवे की तरह छूट दी जाए। सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कार्यों के लिए बुलाने या न्यायालय में साक्ष्य के लिए जाने पर उतना ही भत्ता मिले, जितना नौकरी के दौरान मिलता था।