फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Retired IAS officer's bail rejected

सेवानिवृत्त आईएएस अफसर की जमानत अर्जी खारिज

Tue, 11 Jan 2022 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
Retired IAS officer's bail rejected
कोर्ट ने रिटायर्ड आईएएस अफसर की जमानत अर्जी की खारिज। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तुलसी गौड़ की जमानत अर्जी को भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश रमाकांत प्रसाद ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन

आईएएस पर उप्र. निर्यात निगम और उप्र. चर्म विकास एवं विपणन निगम के प्रबंध निदेशक रहने के दौरान बिना कार्य कराए पत्नी की फर्म को लाखों का भुगतान और पत्रावलियां गायब कर साक्ष्य मिटाने का आरोप है।
कोर्ट में सरकारी वकील प्रभा वैश्य और अभितेश मिश्र ने पूर्व आईएएस की ओर से दी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक इंस्पेक्टर सिंह ने 27 जुलाई 2005 को हजरतगंज में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

जिसमें बताया गया था कि शासन के आदेश पर उप्र. निर्यात निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और आईएएस तुलसी गौड़ जो कि उस वक्त उप्र. चर्म विकास एवं विपणन निगम के भी प्रबंध निदेशक थे, के खिलाफ खुली जांच की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें पता चला कि आरोपी आईएएस ने बिना किसी निविदा के पुलिस की 6400 जोड़ी जूतों की स्पेशल फिनिशिंग और मरम्मत के नाम पर अपनी पत्नी शीला गौड़ की कंपनी को ठेका देकर 2.56 लाख का भुगतान किया, जबकि ये मरम्मत कभी हुई ही नहीं।

आरोपी ने 2000 से 2002 तक के कार्यकाल के दौरान अपने बेटे की फर्म को 3 लाख 39 हजार 901 रुपये और शर्मा प्लास्टिक को 40211 रुपये को बिना काम किए भुगतान किया और पत्रावलियों को गायब कर साक्ष्य मिटाए।
अफसर पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बेनामी फर्म बनाकर निगम के खजाने से लाखों रुपये निकल कर इन कंपनियों को फायदा पहुंचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed