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Lucknow News: शोध को बढ़ावा देगा अनुसंधान पद्धति कोर्स
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लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का प्रबंध अध्ययन विभाग अनुसंधान पद्धति कोर्स शुरू करेगा। दस दिवसीय कोर्स 21 से 30 मार्च तक चलेगा।
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से कोर्स शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक विज्ञान में शोधरत प्रतिभागियों की अनुसंधान क्षमता का विकास करना और उनके शोध कौशल को मजबूत करना है।
प्रबंध अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तरुणा ने बताया कि यह कोर्स सामाजिक विज्ञान के शोधार्थियों को उत्कृष्ट मंच देगा। इससे शोध के नवीनतम तरीकों, तकनीकों और प्रविधियों को सीखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान क्षेत्र के शिक्षाविद और विशेषज्ञ अनुसंधान डिजाइन, मात्रात्मक, गुणात्मक व मिश्रित शोध प्रविधिओं, डाटा संग्रह तकनीकों, शोध प्रश्नों का निर्माण, डाटा विश्लेषण, शोध में नैतिकता और प्लेजियरिज्म इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों का विशेष प्रशिक्षण देंगे।
प्रतिभागियों को एसपीएसएस और एनवीवो जैसे सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण, शोध प्रस्ताव तैयार करने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस कोर्स से विद्यार्थी सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध की गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रासंगिकता को बढ़ाने के लिए आधुनिक शोध पद्धतियों, सॉफ्टवेयर और तकनीकी कौशल जैसे विषयों की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से कोर्स शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक विज्ञान में शोधरत प्रतिभागियों की अनुसंधान क्षमता का विकास करना और उनके शोध कौशल को मजबूत करना है।
प्रबंध अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तरुणा ने बताया कि यह कोर्स सामाजिक विज्ञान के शोधार्थियों को उत्कृष्ट मंच देगा। इससे शोध के नवीनतम तरीकों, तकनीकों और प्रविधियों को सीखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान क्षेत्र के शिक्षाविद और विशेषज्ञ अनुसंधान डिजाइन, मात्रात्मक, गुणात्मक व मिश्रित शोध प्रविधिओं, डाटा संग्रह तकनीकों, शोध प्रश्नों का निर्माण, डाटा विश्लेषण, शोध में नैतिकता और प्लेजियरिज्म इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों का विशेष प्रशिक्षण देंगे।
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प्रतिभागियों को एसपीएसएस और एनवीवो जैसे सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण, शोध प्रस्ताव तैयार करने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस कोर्स से विद्यार्थी सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध की गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रासंगिकता को बढ़ाने के लिए आधुनिक शोध पद्धतियों, सॉफ्टवेयर और तकनीकी कौशल जैसे विषयों की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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