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लखनऊ: 10 हजार लोगों के एक साथ इलाज की तैयारी, चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों में टीमें भी तैयार
Tue, 07 Apr 2020 05:14 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 07 Apr 2020 05:14 PM IST
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केजीएमयू का आइसोलेशन वार्ड
- फोटो : amar ujala
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कोरोना संक्रमण के चलते आपात स्थिति में लखनऊ के अस्पतालों में करीब 10 हजार लोगों को एक साथ इलाज देने की तैयारी चल रही है। चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों में टीमें भी तैयार कर ली गई हैं। एक-एक टीम सप्ताह भर के लिए इलाज में लगेगी। इसके बाद इस टीम को क्वारंटीन में भेजकर दूसरी टीम लगाई जाएगी। अस्पतालों में वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है। औसतन एक फीसदी मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। पेश है एक रिपोर्ट :
केजीएमयू में 2500 बेड आरक्षित
केजीएमयू में आपात स्थिति के लिए यहां सर्वाधिक 2500 बेड आरक्षित किए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड तैयार करने का काम चल रहा है। यहां करीब 4500 बेड हैं। इनमें 80 फीसदी से ज्यादा खाली कराए गए हैं।
सिर्फ इमरजेंसी में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। रोस्टर के हिसाब से 30 टीमें बनी हैं। एक टीम में एक संकाय सदस्य और 6 रेजिडेंट व 10 नर्सिंग पैरामेडिकल स्टाफ हैं। यहां 2500 से अधिक संकाय सदस्य हैं।
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पहले चरण में 50 साल से कम उम्र वाले संकाय सदस्यों की ड्यूटी लगी है। पहली बार ड्यूटी करने वाली टीम दोबारा ड्यूटी पर लौट आई है, जबकि दूसरी व तीसरी टीम क्वारंटीन में हैं। चौथी टीम वार्ड ड्यूटी निभा रही है। सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि 200 बेड आइसोलेशन वाले तैयार हो रहे हैं। आपात स्थिति के लिए 2500 बेड तैयार हैं।
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केजीएमयू में 2500 बेड आरक्षित
केजीएमयू में आपात स्थिति के लिए यहां सर्वाधिक 2500 बेड आरक्षित किए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड तैयार करने का काम चल रहा है। यहां करीब 4500 बेड हैं। इनमें 80 फीसदी से ज्यादा खाली कराए गए हैं।
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सिर्फ इमरजेंसी में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। रोस्टर के हिसाब से 30 टीमें बनी हैं। एक टीम में एक संकाय सदस्य और 6 रेजिडेंट व 10 नर्सिंग पैरामेडिकल स्टाफ हैं। यहां 2500 से अधिक संकाय सदस्य हैं।
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पहले चरण में 50 साल से कम उम्र वाले संकाय सदस्यों की ड्यूटी लगी है। पहली बार ड्यूटी करने वाली टीम दोबारा ड्यूटी पर लौट आई है, जबकि दूसरी व तीसरी टीम क्वारंटीन में हैं। चौथी टीम वार्ड ड्यूटी निभा रही है। सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि 200 बेड आइसोलेशन वाले तैयार हो रहे हैं। आपात स्थिति के लिए 2500 बेड तैयार हैं।
सिविल व लोकबंधु में भी भर्ती किए जाएंगे मरीज
सिविल व लोकबंधु अस्पताल में 200 बेड कोराेना पॉजिटिव के लिए आरक्षित हैं। निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि दोनों अस्पतालों को क्वारंटीन सेंटर बनाया है।
यहां अभी क्वारंटीन वाले मरीज ही रख रहे हैं, जरूरत पड़ी तो इलाज के लिए 30 टीमें तैयार हैं। बलरामपुर सहित अन्य अस्पतालों में भी कोरोना के इलाज की तैयारियां चल रही हैं। कहीं 100 तो कहीं 50 बेड आरक्षित हैं।
लोहिया संस्थान का रेफरल सेंटर बना कोविड हॉस्पिटल
लोहिया संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ शिशु एवं रेफरल सेंटर को कोविड-19 हॉस्पिटल में तब्दील किया जा रहा है। यहां 200 बेड हैं, पहले चरण में 110 बेड तैयार हैं। इसमें 15 वेंटिलेटर होंगे।
निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने बताया, संस्थान ने 30 टीमें बना ली हैं। हर टीम में संकाय सदस्य के साथ पांच-पांच रेजिडेंट हैं। अभी यहां कोई पॉजिटिव मरीज भर्ती नहीं हुआ है। सिर्फ फीवर ओपीडी चल रही है। रेफरल सेंटर में 200 बेड रहेंगे। जरूरत पड़ी तो हॉस्पिटल ब्लॉक के बेड खाली कराएंगे। ओपीडी बंद कर वार्डों को आइसोलेट कर रहे हैं। सिर्फ इमरजेंसी में मरीज भर्ती कर रहे हैं।
यहां अभी क्वारंटीन वाले मरीज ही रख रहे हैं, जरूरत पड़ी तो इलाज के लिए 30 टीमें तैयार हैं। बलरामपुर सहित अन्य अस्पतालों में भी कोरोना के इलाज की तैयारियां चल रही हैं। कहीं 100 तो कहीं 50 बेड आरक्षित हैं।
लोहिया संस्थान का रेफरल सेंटर बना कोविड हॉस्पिटल
लोहिया संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ शिशु एवं रेफरल सेंटर को कोविड-19 हॉस्पिटल में तब्दील किया जा रहा है। यहां 200 बेड हैं, पहले चरण में 110 बेड तैयार हैं। इसमें 15 वेंटिलेटर होंगे।
निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने बताया, संस्थान ने 30 टीमें बना ली हैं। हर टीम में संकाय सदस्य के साथ पांच-पांच रेजिडेंट हैं। अभी यहां कोई पॉजिटिव मरीज भर्ती नहीं हुआ है। सिर्फ फीवर ओपीडी चल रही है। रेफरल सेंटर में 200 बेड रहेंगे। जरूरत पड़ी तो हॉस्पिटल ब्लॉक के बेड खाली कराएंगे। ओपीडी बंद कर वार्डों को आइसोलेट कर रहे हैं। सिर्फ इमरजेंसी में मरीज भर्ती कर रहे हैं।
पीजीआई में जुटी हैं 11 टीमें, ड्यूटी चार्ट तैयार
पीजीआई के अपेक्स ट्रॉमा सेंटर को कोविड हॉस्पिटल बना दिया है। यहां 80 आईसीयू बेड व 30 आइसोलेशन वार्ड हैं। अन्य वार्ड साधारण रहेंगे। एक माह का ड्यूटी चार्ट तैयार है। निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि टास्क फोर्स में 11 टीमें व्यवस्था में लगी हैं।
सीएचसी पर भी इंतजाम
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सीएचसी पर कहीं 50 तो कहीं 100 बेड आरक्षित हैं। कुछ जगह पर तैयारी चल रही है। सभी अस्पतालों को मिलाकर करीब 10 हजार लोगों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है।
सीएचसी पर भी इंतजाम
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सीएचसी पर कहीं 50 तो कहीं 100 बेड आरक्षित हैं। कुछ जगह पर तैयारी चल रही है। सभी अस्पतालों को मिलाकर करीब 10 हजार लोगों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है।