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हॉटस्पॉट इलाकों का सचः कहीं सड़क पर घूम रहे लोग तो कहीं डिलीवरी ब्वॉय को भी प्रवेश नहीं

Thu, 16 Apr 2020 04:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 16 Apr 2020 04:57 PM IST
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report on hotspot areas of lucknow
हॉटस्पॉट इलाकों का दृश्य। - फोटो : amar ujala
सील इलाकों में सख्ती के बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं। सबसे संवेदनशील लखनऊ के सदर इलाके में लोगों की आवाजाही बदस्तूर जारी है। उधर, गोमतीनगर के विजयखंड एक में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए डिलीवरी बॉय को भी प्रवेश देने से रोक दिया। ज्यादातर सील इलाकों में रोज कमाने-खाने वाले लोग रह रहे हैं। पेश है हमारे सिटीजन जर्नलिस्ट की तरफ से उनके हालात पर रिपोर्ट...
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कैंट के सिटीजन जर्नलिस्ट सतबीर सिंह राजू ने बताया कि पुलिस की सख्ती के बावजूद सील इलाके में लोग मानने को तैयार नहीं हैं। लॉकडाउन में भी बाहर निकल रहे हैं। पुलिस-प्रशासन को सहयोग नहीं कर रहे।
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जबकि पुलिस दूध, सब्जी, दवाएं आदि घर तक पहुंचा रही है। विजयखंड के पार्षद संजय सिंह राठौर ने बताया कि सील इलाके में करीब 100 परिवार हैं जो मध्यम वर्ग के हैं। छोटा कारोबार या नौकरी करते हैं। उनके सामने संकट है। सील इलाके के आसपास उजरियांव मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी सड़क पर रहने वालों पर सख्ती का असर पड़ रहा है और वह जरूरी सामान तक खरीदने नहीं जा पा रहे हैं।
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पुलिस की सख्ती है लेकिन लोगों को जरूरी सामान की कोई दिक्कत नहीं

पार्षद ने बताया कि बुधवार को सील इलाके में डिलीवरी बॉय तक को प्रवेश नहीं करने दिया गया। मड़ियांव के सिटीजन जर्नलिस्ट जावेद ने बताया कि सील इलाके में उनकी गाड़ी की मरम्मत की दुकान है जिसके बंद होने से काफी समस्या आ रही है। इलाके में पुलिस की सख्ती है लेकिन लोगों को जरूरी सामान की कोई दिक्कत नहीं आ रही। 

नजरबाग इलाके के सिटीजन जर्नलिस्ट कामरान बेग का कहना है कि हॉटस्पॉट में 800 के आसपास मकान हैं। यहां 80 फीसदी रोज कमाने-खाने वाले हैं। इलाके में 30 दुकानें हैं जो लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध करा रही हैं।

होम डिलीवरी हो रही है। तालकटोरा के इमरान ने बताया कि मिलीजुली आबादी वाले क्षेत्र में ज्यादातर लोग नौकरीपेशा हैं। कुछ दिहाड़ी मजदूर भी हैं जो काफी परेशान हैं। प्रशासन सबके लिए इंतजाम कर रहा है लेकिन फिर भी कुछ लोगों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है।

प्रशासन से मिल रही हरसंभव मदद

त्रिवेणीनगर के अनवारुल ने बताया कि सील इलाके में 30 परिवारों में से किसी को विशेष समस्या नहीं है। यहां का माहौल ठीक है। गुडंबा के रजौली के ग्राम प्रधान लल्लन ने बताया कि इलाके के 50-60 परिवार अपनी बचत के रुपयों और सरकारी मदद पर निर्भर हैं। बुधवार को कोटेदार ने निशुल्क राशन बांटा। प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद मिल रही है। 

दुकानों पर भी मिल रहा जरूरत का सामान
वजीरगंज के कारोबारी मो. शादाब ने बताया कि अस्तबल चारबाग इलाके में करीब 700 मकान में 2500 के आसपास लोग रहते हैं। इसमें अधिकतर रोज कमाने-खाने वाले हैं। इलाके में छोटी-बड़ी 25 दुकानें हैं जिनसे लोग जरूरत का सामान खरीद रहे हैं। प्रशासन की तरफ से भी मदद मिल रही है।
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