एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव, आरटीपीसीआर में निकली पॉजिटिव, मरीज परेशान
इंदिरानगर सी ब्लॉक के पास रहने वाले बुजुर्ग (70) को बुखार आया था। बीएमसी में हुए एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट न निगेटिव आई और न ही पॉजिटिव। दो दिन बाद ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा तो उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया। आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
केस-2
इंदिरानगर निवासी महिला (26) ने यहां के बीएमसी में कोरोना जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तो केजीएमयू में आरटीपीसीआर जांच कराई, रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
केस-3
तेलीबाग निवासी निजी कंपनी में कार्यरत व्यक्ति (35) को बुखार आया। पहले उनका एंटीजन टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आई। मगर हालत बिगड़ने पर आरटीपीसीआर जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
लखनऊ में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एंटीजन टेस्ट कराने पर मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई। कुछ दिन बाद हालत बिगड़ने पर आरटीपीसीआर जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे मरीज एंटीजन टेस्ट पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो पहले 70 फीसदी आरटीपीसीआर जांचें और 30 फीसदी एंटीजन टेस्ट होते थे। मगर अब एंटीजन जांचें 30 से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दी गई हैं।
एंटीजेन टेस्ट में 1.5 से 1.8 प्रतिशत मामलों में ही वायरस की पुष्टि
एंटीजन टेस्ट में 1.5 से 1.8 प्रतिशत मामलों में ही वायरस की पुष्टि हो रही है। सितंबर में रोजना 5000 से अधिक एंटीजेन टेस्ट हुए और पॉजिटिव केस 75-95 के आसपास ही मिले। उधर, आरटीपीसीआर की कुल जांचें 4000 के भीतर सिमट गईं, मगर उसमें 17-20 फीसदी केस पॉजिटिव आ रहे हैं। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट जो 7-8 घंटे में आती है, उसकी तुलना में एंटीजन टेस्ट महज दो घंटे में ही हो जाता है।
जिन मरीजों की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, उनकी आरटीपीसीआर जांच पॉजिटिव आ रही है। इसमें कोई बड़ा मसला नहीं है। लक्षण वाले मरीजों की दोबारा आरटीपीसीआर कराई जा रही है। एंटीजन की एक्यूरेसी 40% है, जबकि आरटीपीसीआर की 70% है। -डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ