फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Renovation of big and small bridges complete in 100 days says Yogi Adityanath.

100 दिन में पूरा हो नहरों के पुल-पुलियों का जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Sun, 21 Feb 2021 03:04 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 21 Feb 2021 03:04 PM IST
विज्ञापन
Renovation of big and small bridges complete in 100 days says Yogi Adityanath.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

किसानों की समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार 'सिंचाई तंत्र' को उन्नत करने की दिशा में नियोजित काम कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब नहरों पर बने पुल-पुलिया के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है। प्रदेश में 100-150 साल से भी अधिक पुरानी नहरों पर बने पुल-पुलिया की जर्जर हालत को देखते हुए सीएम ने इनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का महाभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस काम को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए को इसे अगले 100 दिन में पूरा कर लिया जाए।

विज्ञापन


रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सभी सम्बंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में नहरों पर लगभग 70,000 पुल-पुलिया निर्मित हैं, जिनमें से लगभग आधी कमोबेश क्षतिग्रस्त हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार समूचे राज्य की नहरों की क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार का कार्य एक महा-अभियान के रूप में किया जा रहा है।
विज्ञापन


इस अभियान से आम जन को आवागमन की सुविधा के साथ कृषकों को भी अपने खेत खलिहानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इस महा अभियान में प्रदेश के समस्त जनपदों में नहरों पर स्थित 25,050 क्षतिग्रस्त पुल पुलियों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसमें 3508 पुल-पुलियों का नवनिर्माण भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए वित्तीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो सदी पुरानी नहरें, आयु पूरी कर जर्जर हो चुके हैं पुल-पुलिया

कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य नहर प्रणालियां 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी है। पूर्वी यमुना नहर प्रणाली लगभग 190 वर्ष, ऊपरी गंगा नहर प्रणाली 166 वर्ष, निचली गंगा नहर प्रणाली 142 वर्ष, बेतवा व केन नहर प्रणाली 135 वर्ष, धसान नहर प्रणाली 113 वर्ष एवं शारदा नहर प्रणाली 92 वर्ष पुरानी है। इन पर निर्मित अधिकतर पुल-पुलिया अपनी आयु पूर्ण कर चुके हैं।

पुरानी नहर प्रणालियों में पुरानी तकनीकों व तब की आवश्यकता अनुसार पुल बनाए गए थे। बदलते समय के साथ इन पुलों से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर वाहनों की क्षमता एवं भार भी बढ़ता गया। नतीजतन, नहरों पर निर्मित पुल क्षतिग्रस्त होते चले गए।

यही नहीं, मुख्यमंत्री में पिछली सरकारों द्वारा जन महत्व के इस विषय पर ध्यान न देने पर आश्चर्य भी जताया। उन्होंने कहा कि कृषकों की इस समस्या को क्षेत्रीय प्रतिनिधियों द्वारा हर मंच पर उठाया जाता रहा है। ऐसे में राज्य सरकार इसे अभियान का रूप देते हुए मिशन मोड में काम करने जा रही है।

मौके पर जाएं, गुणवत्ता परखें, कमी हो तो दें जानकारी

आगरा, मथुरा, रामपुर, सिद्धार्थनगर, बिजनौर आदि जिलों के विभिन्न सांसद-विधायकगणों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों, जीर्णोद्धार कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते रहें। काम की गुणवत्ता परखें, अगर कहीं गड़बड़ी या कमी दिखे तो उसकी जानकारी दें। तत्काल कार्यवाही कराई जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के इस अभियान को ऐतिहासिक बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed