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सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले का मामला : एसआईटी की एफआईआर का हो रहा परीक्षण
Tue, 01 Jun 2021 12:46 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Jun 2021 12:46 PM IST
सार
सहकारिता विभाग में 2324 पदों पर हुई भर्ती घोटाला मामले में अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी का कहना है कि जो भी आरोपी बनाए गए हैं, उनकी बात सुनी जाएगी। इसके बाद मामले में कोई कार्रवाई होगी।
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विस्तार
सहकारिता विभाग में 2324 पदों पर हुई भर्ती घोटाला मामले में एसआईटी की एफआईआर का परीक्षण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी का कहना है कि जो भी आरोपी बनाए गए हैं, उनकी बात सुनी जाएगी। इसके बाद मामले में कोई कार्रवाई होगी। उधर, कई आरोपी अधिकारियों ने घोटाले की समयसीमा और स्वयं की तैनाती को लेकर मामले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
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सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी आरके मिश्र का कहना है कि जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, वह उनके कार्यकाल से पहले की है। उनका कहना है कि उन्हें उप्र सहकारी संस्थागत सेवा मंडल में सचिव के पद पर 26 मई 2015 को तैनाती दी गई थी। जबकि परीक्षा एजेंसी ने उप्र ग्राम विकास बैंक लि. लखनऊ की सहायक फील्ड ऑफिसर की परीक्षा 26 अप्रैल 2015 को और सहायक आंकिक पद की लिखित परीक्षा 17 मई 2015 को करा चुकी थी। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने जांच में समय की अनदेखी की है। उनका कोई बयान तक नहीं लिया गया और उन्हें सीधे आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वह विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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