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Lucknow News: दो साल से अटकी आयुष डॉक्टरों की भर्ती, अब निरस्त करने की तैयारी
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लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में खुली आयुष यूनिट को डॉक्टरों का इंतजार ही रह गया। करीब दो साल पहले शुरू हुई आयुष डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया को स्वास्थ्य विभाग पूरा नहीं करा सका। फाइल एक से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगाती रही। आखिरकार एनएचएम के अफसरों ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त किए जाने पर बीते दिनों जूम मीटिंग में चर्चा की। हालांकि अभी निरस्त होने का आदेश विभाग को नहीं मिला है।
एनएचएम ने दिसंबर 2024 में जिले में 21 आयुर्वेद डॉक्टरों की भर्ती का फैसला लिया था। इसके लिए करीब 2200 डॉक्टरों ने आवेदन किया था। यानी एक पद के लिए 105 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की थी। बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद अफसरों ने हाई मेरिट वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का फैसला किया। इसके तहत अभ्यर्थियों को सीएमओ कार्यालय बुलाकर प्रमाणपत्रों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के बाद 420 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान आयुर्वेद डॉक्टरों के लिए छह माह का अनुभव प्रमाणपत्र अनिवार्य करने की बात सामने आई। जबकि यूनानी और होम्योपैथिक डॉक्टरों से अनुभव प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया था। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया फंस गई।
इंटरव्यू कराने के लिए फाइल एक से दूसरे विभाग भेजी जाती रही। बाद में फाइल एनएचएम को भेजी गई, लेकिन इंटरव्यू के संबंध में कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं हुई। बीते दिनों एनएचएम की जूम मीटिंग में आयुष डॉक्टरों की भर्ती निरस्त किए जाने पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ हैै। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि एनएचएम से अभी कोई आदेश नहीं मिला है।
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एनएचएम ने दिसंबर 2024 में जिले में 21 आयुर्वेद डॉक्टरों की भर्ती का फैसला लिया था। इसके लिए करीब 2200 डॉक्टरों ने आवेदन किया था। यानी एक पद के लिए 105 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की थी। बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद अफसरों ने हाई मेरिट वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का फैसला किया। इसके तहत अभ्यर्थियों को सीएमओ कार्यालय बुलाकर प्रमाणपत्रों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के बाद 420 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसी दौरान आयुर्वेद डॉक्टरों के लिए छह माह का अनुभव प्रमाणपत्र अनिवार्य करने की बात सामने आई। जबकि यूनानी और होम्योपैथिक डॉक्टरों से अनुभव प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया था। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया फंस गई।
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इंटरव्यू कराने के लिए फाइल एक से दूसरे विभाग भेजी जाती रही। बाद में फाइल एनएचएम को भेजी गई, लेकिन इंटरव्यू के संबंध में कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं हुई। बीते दिनों एनएचएम की जूम मीटिंग में आयुष डॉक्टरों की भर्ती निरस्त किए जाने पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ हैै। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि एनएचएम से अभी कोई आदेश नहीं मिला है।
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