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NCRB report: रोजाना 350 शिकायतें, फिर भी कम हो गए साइबर क्राइम के आंकड़े

Thu, 01 Sep 2022 11:32 AM IST
ishwar ashish सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, लखनऊ
सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 01 Sep 2022 11:32 AM IST
सार

एनसीआरबी की रिपोर्ट के उलट एनसीआरपी पर साइबर क्राइम शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। अब तक पोर्टल पर 85 हजार से भी ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश से इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक 85 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।

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Real condition of cyber crime in Uttar Pradesh NCRB reports
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में हर दिन साइबर क्राइम के साढ़े तीन सौ से अधिक मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। इसके बावजूद वर्ष 2019 और 2020 के मुकाबले साइबर अपराध के आंकड़े वर्ष 2021 में सबसे कम है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायतों का अंबार है। सिर्फ उत्तर प्रदेश से इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक 85 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। यानी हर दिन औसतन साढ़े तीन सौ शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। जबकि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक यूपी में हर दिन साइबर क्राइम के 25 से भी कम मामले आ रहे हैं।

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एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार यूपी में साइबर अपराध के मामले कम हुए हैं। वर्ष 2020 में 11,097 और वर्ष 2021 में 8,829 मामले दर्ज किए गए। वहीं एनसीआरपी पर जो ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, वह बहुत ज्यादा है। वहां वर्ष 2021 में 56,869 शिकायतें इस पोर्टल पर यूपी से दर्ज कराई गई थीं। इनमें से सिर्फ 484 शिकायतें ही एफआईआर में तब्दील हुईं।
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इसके अलावा साइबर थानों, सामान्य थानों और ई थानों पर जो शिकायतें आईं, वह अलग हैं। वैसे साइबर अपराध के लिए एक पूरी विंग बनाई गई है लेकिन यहां भी साइबर अपराध के सभी मामलों की जानकारी नहीं हो पाती है। यहां प्रदेश के 18 साइबर थानों में पांच लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्राड के मामलों को दर्ज किया जाता है। बाकी मामले स्थानीय थाने पर दर्ज कराए जाते हैं।
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साइबर अपराध का कम होना कहीं से भी तार्किक नहीं 
साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन कहते हैं कि जबसे आनलाइन लेनदेन शुरू हुआ है तब से साइबर अपराध साल दर साल बढ़ रहा है। खासकर कोविड काल में यह फ्रॉड और भी अधिक बढ़ा है। ऐसे में एनसीआरबी के आंकड़ों में यह आंकड़ा कम होना समझ से परे है।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराध होने पर ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय स्तर पर और राज्य स्तर पर दोनों जगह दर्ज करा सकते हैं। फोन कॉल के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा रही है। यूपी में अलग से साइबर थाने भी खुल गए हैं। इसके अलावा हर थाने पर साइबर डेस्क भी बनाई गई है।


ऐसे में साइबर अपराध का कम होना कहीं से भी तार्किक नहीं है। हालांकि यह जरूर संभव है कि शिकायतों का एक बड़ा प्रतिशत एफआईआर में तब्दील न हो पाता हो। एनसीआरबी केवल एफआईआर को ही आधार मानती है और उसी के अनुसार रिपोर्ट तैयार करती है।

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