लखीमपुर सदर : जाति-बिरादरी के चक्रव्यूह में फंसा चुनाव, भाजपा, सपा ने उतारे कुर्मी उम्मीदवार
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अब तक बसपा को छोड़ कर सभी बड़ी पार्टियों को बराबर मौका देने वाली लखीमपुर सदर सीट पर इस बार रोमांचक जंग के आसार हैं। यहां पहले भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा था। पर, कांग्रेस और बसपा ने जिस तरह ब्राह्मण कार्ड खेला उससे चुनावी समरभूमि की रंगत ही बदल गई। कांग्रेस और बसपा दोनों ने मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला कांटे का हो गया है।
कुर्मी बहुल शहरी सीट में इस बार प्रमुख रूप से भाजपा और सपा की तरफ से कुर्मी चेहरे तो कांग्रेस और बसपा की तरफ से ब्राह्मण चेहरे मैदान में हैं। ऐसे में जीत का दारोमदार ब्राह्मण और मुस्लिम वोटों पर है। पिछली बार मोदी लहर में जीते योगेश वर्मा को भाजपा ने फिर मौका दिया है। वहीं, सपा ने दो बार विधायक रह चुके उत्कर्ष वर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने जिले से पांच बार विधायक रहे तेज नरायन त्रिवेदी के पौत्र डॉ. रविशंकर त्रिवेदी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बसपा ने पिछला नगर पालिका चुनाव हार चुके मोहन बाजपेयी पर दांव लगाया है। इस तरह प्रमुख उम्मीदवारों में दो ब्राह्मण और दो कुर्मी हैं। भले ही सदर सीट कुर्मी बहुल हो, लेकिन यहां ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं का भी दबदबा रहा है। पिछली बार भगवा लहर की वजह से सारे जातीय समीकरण फेल हो गए थे। इस बार किसी की लहर नहीं होने के कारण जातीय समीकरण ही जीत-हार तय करेंगे।
मुद्दों पर मुखर हैं मतदाता : मतदाताओं के मिजाज की बात करें तो रिटायर्ड बैंक कर्मी विजय तिवारी कहते हैं, भाजपा सरकार ने पांच साल ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन महंगाई बढ़ने से आम लोग परेशान हैं। फिर भी भाजपा दूसरी पार्टियों से बेहतर है। नौरंगाबाद की रूपम तिवारी कहती हैं, महंगाई और बेरोजगारी से समस्याएं बढ़ी हैं। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इशहाक कहते हैं, भाजपा सरकार में सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है। राम विलास कहते हैं, सरकार ने मुसीबत के समय गरीबों को मुफ्त राशन देकर बड़ा सहारा दिया। व्यापारी प्रताप गुप्ता कहते हैं, जो व्यापारियों, किसानों, नौजवानों के हित की बात करेगा, उसको ही वोट देंगे।
वोटों का गणित
70 हजार कुर्मी
55 हजार ब्राह्मण
55 हजार मुस्लिम
70 हजार दलित
50 हजार वैश्य
25 हजार क्षत्रिय
20 हजार कायस्थ
15 हजार सिख
15 हजार यादव
15 हजार खत्री
2017 का चुनाव परिणाम
योगेश वर्मा, भाजपा 1,22,677
उत्कर्ष वर्मा, सपा 84,929
शशिधर मिश्र, बसपा 39,068