कोरोना इफेक्ट: होम डिलीवरी में 459 रुपये किलो बिक रहा पनीर, दाम सुनकर लोगों के होश उड़े
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होम डिलीवरी के लिए जारी नंबर लॉकडाउन के छठे दिन भी लोगों को छकाते रहे। कहीं नंबर नहीं लगा, मिला भी तो दोगुने दाम सुन लोगों के होश उड़ गए। बाजार में सोमवार को जो पनीर 250 से 300 रुपये किलो मिल रहा था उसे ऑनलाइन मंगाने पर 459 रुपये चुकाने पड़े। लोगों की शिकायत रही कि यदि सामान सामान्य दाम पर है भी तो टैक्स व डिलीवरी फीस लेकर डेढ़ से दो गुना कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं अधिकतर ने कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा बंद कर रखी है।
हजरतगंज की उर्मिला बताती हैं कि पनीर और चीनी मंगाना चाहा, पर दाम देखकर नहीं मंगाया। एक जगह पनीर 100 रुपये का 250 ग्राम मिल रहा था। साथ में नौ रुपये टिप चार्ज और 50 रुपये डिलीवरी चार्ज था। इस तरह से 100 रुपये का पनीर 159 रुपये का पड़ रहा था। इसी तरह 195 रुपये की पांच किलो चीनी 254 रुपये की पड़ रही थी।
तीन दिन से लगा रहे थे फोन
कुर्सी रोड पर रहने वाले अनुपम वर्मा बताते हैं कि ऑनलाइन डिलीवरी के लिए एक नंबर पर तीन दिन से कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लगा ही नहीं। परेशान होकर बाजार से सामान ले आया।
5 दिन हुए, सामान नहीं आया
बृजेश चंद्र कहते हैं कि उन्होंने 26 तारीख को ऑर्डर बुक किया था। अरहर की दाल, चीनी पांच-पांच किलो मंगाई थी, लेकिन सामान सोमवार की रात तक नहीं पहुंचा।
ऊंचे दामों पर नहीं लेंगे सामान
गंगा अपार्टमेंट में रहने वाली सुषमा द्विवेदी कहती हैं कि खाने के लिए एक ऑनलाइन कंपनी का फोन बंद बता रहा है तो एक पर अनापशनाप रेट लिया जा रहा है।
आटा की कालाबाजारी जारी
शासन की कोशिश के बाद अब आटे का संकट खत्म हो चुका है। थोक कारोबारियों के पास मांग के अनुसार आटे की सप्लाई पहुंच रही है। लेकिन कालाबाजारी करने वाले कारोबारी थोक रेट कम नहीं कर रहे हैं। खासकर डालीगंज से ऐसी शिकायतें ज्यादा हैं।
दूध महंगा, दालें गायब
सोमवार को सदर बाजार में दूध महंगा बेचा गया। दो लीटर दूध का पैकेट 130 से 135 रुपये में बेचा गया। वहीं ग्राहकों को आधे लीटर की कीमत 35-40 रुपये तक चुकानी पड़ी। दुकानदारों ने दूध नहीं आने की बात कहकर मनमाने रेट पर दूध बेचा। वहीं सोमवार को उदयगंज व सदर बाजार की दुकानों पर दाल खत्म हो गई। अरहर, चने और मूंग दालें गायब रहीं।