{"_id":"65f49f91cc02635e170394d4","slug":"rapist-gets-10-years-rigorous-imprisonment-raebareli-news-c-101-1-slko1032-112092-2024-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: दुष्कर्मी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: दुष्कर्मी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
Sat, 16 Mar 2024 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 16 Mar 2024 12:50 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। अदालत ने गदागंज थाना क्षेत्र में करीब 10 साल पहले नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 13 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पाॅक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पाॅक्सो) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव, वेदपाल सिंह, आलोक त्रिपाठी व योगेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता की प्रार्थना पत्र पर महिला आयोग के निर्देश पर 6 मई 2014 को थाना गदागंज में दर्ज हुई। रिपोर्ट के अनुसार कई दिन पहले वादी की 17 वर्षीय बेटी (पीड़िता) को संदीप कुमार जबरन कहीं ले गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने गदागंज थाना क्षेत्र के भगवंतपुर चंदनिहा निवासी संदीप कुमार के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पाॅक्सो) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव, वेदपाल सिंह, आलोक त्रिपाठी व योगेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता की प्रार्थना पत्र पर महिला आयोग के निर्देश पर 6 मई 2014 को थाना गदागंज में दर्ज हुई। रिपोर्ट के अनुसार कई दिन पहले वादी की 17 वर्षीय बेटी (पीड़िता) को संदीप कुमार जबरन कहीं ले गया।
विज्ञापन
विवेचना के बाद पुलिस ने गदागंज थाना क्षेत्र के भगवंतपुर चंदनिहा निवासी संदीप कुमार के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट अदालत में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन