'मुख्तार को लखनऊ जेल में भेजा गया है पहाड़ की वादियों में नहीं'
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जिस माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी को आगरा से लखनऊ जेल में शिफ्ट करने पर सत्ताधारी दल में हलचल मच गई, उसकी जेल बदलने को कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने रूटीन ट्रांसफर बताया।
उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को पहाड़ की वादियों में सैर करने तो नहीं भेजा, एक जेल से दूसरी जेल में ही भेजा है। सूबे में हर रोज इस तरह के 35-40 ट्रांसफर होते हैं।
साथ ही कहा, जेल मंत्री होने के नाते मुख्तार के ट्रांसफर के लिए वह ही जिम्मेदार हैं। कारागार मंत्री ने शुक्रवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं।
रामूवालिया ने कहा कि जिस दिन मुख्तार को लखनऊ की जेल में भेजा गया, उस दिन 35-40 और बंदी भी इधर से उधर हुए। सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से ऐसा किया जाता है। मुख्तार अंसारी के ट्रांसफर की वजह पूछने पर उन्होंने संवाददाताओं से ही उल्टा सवाल कर दिया कि क्या आपने उनकी (मुख्तार की) बीमारी की रिपोर्ट देखी है?
'जेल में कोई हवन यज्ञ करने नहीं जाता, अपराधी ही रखे जाते हैं'
जब संवाददाताओं ने मेडिकल रिपोर्ट का खुलासा करने को कहा तो वह चुप्पी साध गए। अलबत्ता यह जरूर कहा कि जेल में कोई हवन-यज्ञ करने वाला तो जाता नहीं, अपराधी ही रखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि कहीं चींटी भी चलती है तो सीएम को उसकी खबर लग जाती है।
मुख्तार को दोबारा आगरा जेल भेजने के बाबत कहा कि जरूरत होने पर यह भी रूटीन प्रक्रिया के तहत होगा। इस मामले में ही एडीजी जेल डीएस चौहान को हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अक्सर आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले होते रहते हैं।
हटाए जाएंगे नोएडा जेल के जेलर
डिप्टी सीएमओ हत्याकांड में आरोपी अधिकारी बीएस मुकुंद को नोएडा जेल का जेलर बनाने पर रामूवालिया ने कहा, उनकी तैनाती के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो उन्हें हटाया जाएगा।
रायबरेली की जेल में बंदी के फांसी लगाने के मामले में सस्पेंड किए गए चार जेल कर्मियों को उन्होंने बहाल करने पर कहा, पर्याप्त बंदी रक्षक न होने से इन कर्मचारियों को इसका जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।