मायावती ने सिर्फ दलित वोटों का सौदा कर चुनाव लड़ा: अठावले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा कि अगर यूपी में भाजपा से 30 सीटों पर समझौता नहीं हुआ तो उनकी पार्टी 250 सीटों पर अकेले चुनाव लडे़गी। हालांकि उन्होंने इस बाबत भाजपा के कई बड़े नेताओं से बातचीत होने का दावा भी किया।
आठवले ने मायावती पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने सिर्फ दलित वोटों का सौदा कर चुनाव लड़ा और कुछ नहीं किया।
विश्व धर्म संसद कार्यक्रम में शिरकत करने रविवार को लखनऊ आए अठावले पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, यूपी में अगर भाजपा और आरपीआई मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो सरकार बनना तय है।
इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह से मुलाकात हो चुकी है और अमित शाह, कलराज मिश्र और केशव प्रसाद मौर्य से बात होने वाली है। अगर जरूरी हुआ तो वह प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे।
भाजपा से समझौता नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा, आरपीआई भाजपा की गुलाम नहीं बल्कि एक सहयोगी है। इसलिए सम्मानित तरीके से गठबंधन नहीं हुआ तो हम करीब 250 सीटों पर अकेले लड़ेंगे।
'चार बार सीएम बनने के बाद भी दलितों के लिए कुछ नहीं किया'
बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमला बोलते हुए अठावले ने कहा, उन्होंने आरपीआई की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है जिसे 2017 में मुक्त कराना है।
चार बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मायावती ने दलितों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कुछ नहीं किया। माया ने सिर्फ दलित वोटों का सौदा कर चुनाव लड़ा है।
यह भी आरोप लगाया कि बसपा सुप्रीमो ने यूपी में कई स्थानों पर अंबेडकर की मूर्ति हटवाकर कांशीराम की मूर्ति लगवा दी है। कहा, जल्द ही वह प्रदेश का दौरा करेंगे और जनता से अपील करेंगे कि बहनजी को छोड़ो और उनके छोटे भाई की तरफ देखो।
भाजपा से गठबंधन नहीं होने पर बसपा से समझौता करने के सवाल पर अठावले ने कहा, यह तभी संभव है जब मायावती मोदी से मिलने को तैयार हों। अगर मायावती मिलना चाहें तो मैं उन्हें मोदी से मिलवा भी दूंगा और साथ मिलकर चुनाव भी लडूंगा।
अंतरजातीय विवाह करने वाले को 2.50 लाख
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, उनके मंत्रालय ने तय किया है कि सामाजिक भेदभाव मिटाने के उद्देश्य से अंतर्जातीय विवाह करने वाले को सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
दलित छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत हो
अठावले ने कहा, आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत होनी चाहिए। आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्ण जाति के ऐसे लोगों को भी आरक्षण के दायरे में शामिल करना चाहिए जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम हो। इस मुद्दे पर वह प्रधानमंत्री से मिलकर बात रखेंगे।