सपा-बसपा गठबंधन से होगा भाजपा को नुकसान: रामदास अठावले
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सपा-बसपा के गठबंधन से भाजपा भले ही आगामी लोकसभा चुनाव में खुद का नुकसान न होने का दावा कर रही हो, लेकिन एनडीए की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष रामदास अठावले का मानना है कि इससे भाजपा को यूपी में नुकसान होगा। हालांकि इसकी भरपाई अन्य प्रदेशों से कर ली जाएगी।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले ने कहा कि आगामी लोस चुनाव में भाजपा को यूपी में 50 से अधिक सीटें और सपा-बसपा गठबंधन को 25-30 सीटें मिल सकती हैं।
शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे अठावले विशिष्ट अतिथिगृह में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भाजपा को हराने के मकसद से एक हुए हैं, लेकिन उनका सपना पूरा नहीं होगा। केंद्र में फिर नरेंद्र मोदी के ही नेतृत्व में सरकार बनेगी।
अठावले ने कहा कि अगर मायावती वास्तव में दलितों की हितैषी हैं तो उन्हें एनडीए में मिल जाना चाहिए। फिर वे, रामविलास पासवान व मायावती मिलकर दलितों के कल्याण के लिए मोदी से अधिक धन ले सकेंगे।
सपा चाहती तो अंबेडकर भी बन जाते सांसद
बसपा सुप्रीमो को आगाह करते हुए अठावले ने कहा कि सपा मायावती को पहले भी धोखा दे चुकी है और आगे भी धोखा देगी, जबकि भाजपा ने उन्हें तीन बार मदद देकर मुख्यमंत्री बनाया। गोरखपुर व फूलपुर में मायावती ने सपा का खुलकर समर्थन किया, लेकिन राज्यसभा चुनाव में सपा ने उन्हें धोखा दिया। अगर सपा ने अपनी पहली वरीयता का वोट दिलाया होता तो बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर भी आज सांसद बन गए होते।
बाबा साहेब के नाम में संशोधन सही कदम
अठावले ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम में ‘रामजी’ शब्द जोड़ने के यूपी सरकार के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रभु राम के नाम से इसका कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सावित्री बाई फूले द्वारा सरकार की आलोचना गलत
भाजपा सांसद साबित्री बाई फूले द्वारा केंद्र व प्रदेश सरकार की आलोचना पर अठावले ने कहा कि ऐसा करना गलत है। जहां तक दलितों के आरक्षण का मामला है तो इसमें केंद्र ने अपने स्तर से कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्र इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पीटिशन दाखिल करने जा रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देगी।