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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट क्या करेगी बड़े खुलासे? कैसे हुई 105 चोरी की घटनाएं

Tue, 22 Sep 2026 07:11 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 22 Sep 2026 07:11 PM IST
सार

Ram Temple offerings stolen: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई नई जांच में एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के अलावा गवाहों के बयान, डिजिटल लॉग, रसीदों और बैंक जमा रिकॉर्ड की भी पड़ताल की।

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Ram Temple offering theft: What major revelations will the SIT's final report reveal? How did the 105 thefts h
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती और रखरखाव में सामने आई अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर अब निगाहें टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में मंदिर परिसर से चढ़ावे की रकम अनधिकृत तरीके से हटाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। 21 सितंबर को शीर्ष अदालत में दाखिल स्थिति रिपोर्ट के बाद अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि कार्रवाई रकम हटाने वाले कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या निगरानी, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में हुई चूक की भी जवाबदेही तय होगी।

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मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई थी। पहली जांच में 45 दिनों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के दौरान चढ़ावे की रकम को कपड़ों, जेब और जूतों में छिपाकर ले जाने की 70 घटनाएं सामने आई थीं। जांच में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में खामियां भी उजागर हुई थीं।
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पहली एसआईटी की रिपोर्ट में तत्कालीन ट्रस्ट पदाधिकारी डॉ. अनिल मिश्र की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने में लापरवाही का उल्लेख किया गया था। इसी अवधि में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के पदों से हटने का घटनाक्रम भी सामने आया। हालांकि, प्रदेश सरकार को सौंपी गई पहली एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की संस्तुति नहीं किए जाने की बात सामने आई थी।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई नई जांच में एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के अलावा गवाहों के बयान, डिजिटल लॉग, रसीदों और बैंक जमा रिकॉर्ड की भी पड़ताल की। इस जांच में सामने आई 105 घटनाएं पहली एसआईटी के 70 मामलों से अधिक हैं। ऐसे में अंतिम रिपोर्ट में घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करने के साथ निगरानी और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर भी विशेष नजर रहेगी।

किस स्तर पर हुई चूक, रिपोर्ट से खुलेगा राज

फाइनल रिपोर्ट का अहम पहलू यह होगा कि रकम हटाने वाले कर्मचारियों की भूमिका के साथ निगरानी तंत्र, गिनती व्यवस्था, सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक पर्यवेक्षण में हुई चूक को किस तरह चिह्नित किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट के अनुसार चढ़ावे से जुड़ी बहुमूल्य वस्तुओं, जिनमें चांदी की ईंटें भी शामिल हैं, की जांच में कोई विसंगति नहीं मिली। नकदी चोरी की घटनाओं में एसआईटी की जांच के आधार पर 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल करने की बात अदालत को बताई गई है।

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