फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram Mandir offering theft: Trust to face tighter scrutiny; 5-year audit to undergo a re-audit.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट पर कसेगा शिकंजा, 5 साल के ऑडिट का फिर होगा ऑडिट; जेवरात का नहीं मिल रहा ब्योरा

Thu, 02 Jul 2026 03:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 02 Jul 2026 03:24 AM IST
सार

शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं।

विज्ञापन
Ram Mandir offering theft: Trust to face tighter scrutiny; 5-year audit to undergo a re-audit.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट करेगी। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। 

विज्ञापन

एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं। निर्माण कार्यों की भी जांच होगी। यही वजह है कि शासन ने बुधवार को एसआईटी जांच का समय दो सप्ताह बढ़ा दिया है। एसआईटी अब 15 जुलाई को रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
विज्ञापन


दरअसल, एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसआईटी ने वहां की खामियों के साथ मंदिर की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया की लापरवाही को जांच में शामिल किया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर मिली खामियों को देखते हुए एसआईटी ने पिछले पांच साल में मंदिर ट्रस्ट की ओर से कराए गए ऑडिट की जांच का निर्णय लिया है। इसमें एसआईटी देखेगी कि ऑडिट में कहां खामियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका है। अब तक की जांच में एसआईटी को ऐसे सुबूत मिले हैं। माना जा रहा है कि इससे अनिल मिश्रा, गोपाल राव व चंपत राय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  एसआईटी के तीनों अधिकारी लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन बृहस्पतिवार को बैठक कर सकते हैं। इसके बाद वह अयोध्या जाएंगे। 

विस्तृत रिपोर्ट और खोलेगी परतें

सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के लिए सबसे बड़ी मुसीबत दान किए गए जेवरात का ब्योरा देने में होगी। क्योंकि ट्रस्ट ने इसका ऑडिट ही नहीं कराया है। ऐसे में ट्रस्ट क्या तर्क देगा, ये समय बताएगा।  वहीं, निर्माण कार्य में कमीशन के भी आरोप हैं। इसमें अनिल मिश्रा पर शिकंजा कस सकता है। 

  • ऑडिट रिपोर्ट में खामियों की चर्चा पहले भी रही है, लिहाजा विस्तृत रिपोर्ट उसकी और परतें खोलेगी।

अविनाश के कमरे से मिला रामराज्य कोष लिखा संदूक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में उसके कमरे से रामराज्य कोष लिखा एक संदूक मिला है। उस पर क्यूआर कोड भी लगा है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला धन कहां से आता था और उसका राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं। पुलिस क्यूआर कोड से लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। 

लवकुश व करुणेश के घर छापे नकदी-जेवर व दस्तावेज बरामद
पुलिस ने बुधवार को आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के पैतृक घरों पर छापा मारा। करीब तीन घंटे चली छानबीन के दौरान परिवार वालों के बयान भी दर्ज किए। सूत्र बताते हैं कि घरों से नकदी, जेवर और संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। पुलिस दोनों के माता-पिता को साथ लेकर गई। 

  • सूत्रों के मुताबिक लवकुश व करुणेश ने अहम जानकारियां दी थीं। बताया था कि चोरी की रकम उनके घरों में रखी है, इसलिए पुलिस ने बुधवार को उनके घरों पर एकसाथ छापा मारा। लवकुश का घर अयोध्या के रुदौली और करुणेश का खंडासा में है। सूत्रों का दावा है, घरों से नकदी व जेवर मिले हैं। पुलिस जांच के लिए संपत्तियों के दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। 

अनिल ने टिन्नू पर फोड़ा ठीकरा
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अनिल मिश्रा ने पूरा ठीकरा टिन्नू यादव पर फोड़ा है। कहा, गणनाकर्मी टिन्नू के इशारे पर काम करते थे। अनिल ने अपनी भूमिका पूरी तरह से नकार दी है। 

  • सूत्रों का कहना है कि अनिल से जब ये पूछा गया कि जब मंदिर प्रबंधन में आपका दखल था तो कैसे करोड़ों पार हो गए और भनक नहीं लगी। इस पर अनिल ने कहा कि ट्रस्ट ने ही चोरी पकड़ी। जैसे ही पता चला कि जांच शुरू हुई और फिर एसआईटी की मांग की गई। निगरानी में चूक होने की बात अनिल ने स्वीकारी। अनिल तमाम सवालों के जवाब नहीं दे पाए। वहीं गोपाल राव के भी जल्द बयान दर्ज किए जा सकते हैं।




 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed