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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: रडार पर 17 साल से अयोध्या में जमे RMO; CCTV और काउंटिंग रूम की निगरानी की थी जिम्मेदारी
Tue, 30 Jun 2026 09:08 AM IST
Bhupendra Singh
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 30 Jun 2026 09:08 AM IST
सार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में 17 साल से अयोध्या में जमे रहे RMO भी रडार पर हैं। इनके पास CCTV-काउंटिंग रूम की निगरानी की जिम्मेदारी थी। लंबे कार्यकाल और भूमिका की पड़ताल हो रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय के साथ अर्जुन देव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब जांच की आंच श्रीराम जन्मभूमि में तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव तक पहुंच गई है। काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ पूरे मंदिर परिसर में लगे करीब 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। ऐसे में एसआईटी व पुलिस यह पता लगा रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी कैसे होती रही और निगरानी तंत्र कहां नाकाम रहा।
सूत्रों के मुताबिक अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर रुक गए। हाल में लखनऊ तबादले का आदेश भी निरस्त हो गया था। एसआईटी अब यह भी खंगाल रही है कि आखिर उनके तबादले बार-बार किसके स्तर से रुकवाए गए और एक ही जिले में 17 वर्ष तक तैनाती की वजह क्या रही।
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सूत्रों के मुताबिक अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर रुक गए। हाल में लखनऊ तबादले का आदेश भी निरस्त हो गया था। एसआईटी अब यह भी खंगाल रही है कि आखिर उनके तबादले बार-बार किसके स्तर से रुकवाए गए और एक ही जिले में 17 वर्ष तक तैनाती की वजह क्या रही।
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वीआईपी दर्शन व्यवस्था में भी सक्रिय भूमिका
जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन देव सिर्फ वायरलेस संचार और सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं थे। वह वीआईपी दर्शन व्यवस्था समेत ट्रस्ट के कई कामकाज में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। एसआईटी उनसे पूछताछ कर चुकी है और अब उनकी जिम्मेदारियों, अधिकार क्षेत्र और ट्रस्ट के पदाधिकारियों से संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
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