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राम निर्माण: आज से शुरू हो सकता है टेस्ट पाइलिंग का काम, टेस्टिंग की जांच करेगी आईआईटी चेन्नई
Fri, 11 Sep 2020 01:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 11 Sep 2020 01:51 PM IST
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राम मंदिर अयोध्या
- फोटो : अमर उजाला
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राम जन्मभूमि परिसर में आज से टेस्ट पाइलिंग का काम शुरू हो सकता है। 100 फीट गहरा और 1 मीटर व्यास का गड्ढा खोदा जाएगा। आईआईटी चेन्नई टेस्टिंग की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट एक महीने में आएगी।
राम मंदिर निर्माण के लिए बेस का मजबूत होना जरूरी है। 12 सौ खंभों पर राम मंदिर का निर्माण होगा। रिंग मशीन के माध्यम से आज पहली खुदाई हो सकती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि सभी तैयारियां हो चुकी हैं, पाइलिंग टेस्टिंग आज से की जा सकती है।
आपको बता दें कि नींव की 1200 पायलिंग में पहले एक पाइल (कुएं के आकार का पिलर) फाउंडेशन बनाकर 15 अक्तूबर तक टेस्टिंग का लक्ष्य है। दरअसल मंगलवार को राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस नृपेंद्र मिश्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व एलएंडटी के परियोजना प्रबंधक वृजेश कुमार सिंह की टीम के साथ बैठक की थी।
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उन्होंने बताया था कि 60 मीटर (200 फीट) गहराई तक राममंदिर का पायलिंग फाउंडेशन होगा। 1200 पाइलिंग सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से तैयार होगी। यह समुद्र या नदी में पुल के फाउंडेशन जैसा होगा, लेकिन इसमें स्टील का प्रयोग नहीं होगा। कुएं के निर्माण जैसा गोलाकार सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से भी पाइल तैयार की जाएगी।
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राम मंदिर निर्माण के लिए बेस का मजबूत होना जरूरी है। 12 सौ खंभों पर राम मंदिर का निर्माण होगा। रिंग मशीन के माध्यम से आज पहली खुदाई हो सकती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि सभी तैयारियां हो चुकी हैं, पाइलिंग टेस्टिंग आज से की जा सकती है।
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आपको बता दें कि नींव की 1200 पायलिंग में पहले एक पाइल (कुएं के आकार का पिलर) फाउंडेशन बनाकर 15 अक्तूबर तक टेस्टिंग का लक्ष्य है। दरअसल मंगलवार को राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस नृपेंद्र मिश्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व एलएंडटी के परियोजना प्रबंधक वृजेश कुमार सिंह की टीम के साथ बैठक की थी।
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उन्होंने बताया था कि 60 मीटर (200 फीट) गहराई तक राममंदिर का पायलिंग फाउंडेशन होगा। 1200 पाइलिंग सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से तैयार होगी। यह समुद्र या नदी में पुल के फाउंडेशन जैसा होगा, लेकिन इसमें स्टील का प्रयोग नहीं होगा। कुएं के निर्माण जैसा गोलाकार सीमेंट, मोरंग और गिट्टी से भी पाइल तैयार की जाएगी।
मशीन की एक दिन में एक पायलिंग निर्माण करने की क्षमता
लार्सन एंड ट्रुबों के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम यहां नींव निर्माण के लिए चार कैसाग्रैंड मशीनें लगाएगी। अभी एक ही मशीन कानपुर से आई है। हर एक मशीन की क्षमता एक दिन में एक पाइलिंग तैयार करने की है।
इसका 15 अक्तूबर तक भार क्षमता, भूकंपरोधी शक्ति आदि की जांच चेन्नई व रूड़की के इंजीनियर करके जब मानकों पर खरा होने का प्रमाणपत्र देंगे, तब 20 अक्तूबर से चारों मशीनों के जरिए तेजी से 1200 पाइलिंग तैयार करने का काम शुरू होगा।
बताते हैं कि यह पाइलिंग भूतल से करीब 20 मीटर नीचे तक ही लाकर उसके बाद ठोस सीमेंट-मोरंग व गिट्टी का मोटा फाउंडेशन तीन परतों में बनेगा। फिर सबसे ऊपरी हिस्से में राजस्थान के बंशीपहाड़ीपुर के गुलाबी पत्थरों से मुख्य फाउंडेशन तैयार होगा।
सरकार के जिम्मे होगी राममंदिर परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का स्पष्ट कहना है कि राममंदिर परिसर की सुरक्षा सरकार के जिम्मे होगी। यह विश्वस्तरीय केंद्र बनने जा रहा है इसलिए इसकी सुरक्षा भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए।
चूंकि यह विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता का देखते हुए किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी को जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकती है। राममंदिर की सुरक्षा सरकार अपने स्तर से देखेगी, ट्रस्ट का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
इसका 15 अक्तूबर तक भार क्षमता, भूकंपरोधी शक्ति आदि की जांच चेन्नई व रूड़की के इंजीनियर करके जब मानकों पर खरा होने का प्रमाणपत्र देंगे, तब 20 अक्तूबर से चारों मशीनों के जरिए तेजी से 1200 पाइलिंग तैयार करने का काम शुरू होगा।
बताते हैं कि यह पाइलिंग भूतल से करीब 20 मीटर नीचे तक ही लाकर उसके बाद ठोस सीमेंट-मोरंग व गिट्टी का मोटा फाउंडेशन तीन परतों में बनेगा। फिर सबसे ऊपरी हिस्से में राजस्थान के बंशीपहाड़ीपुर के गुलाबी पत्थरों से मुख्य फाउंडेशन तैयार होगा।
सरकार के जिम्मे होगी राममंदिर परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का स्पष्ट कहना है कि राममंदिर परिसर की सुरक्षा सरकार के जिम्मे होगी। यह विश्वस्तरीय केंद्र बनने जा रहा है इसलिए इसकी सुरक्षा भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए।
चूंकि यह विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता का देखते हुए किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी को जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकती है। राममंदिर की सुरक्षा सरकार अपने स्तर से देखेगी, ट्रस्ट का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।