{"_id":"60ef22c98ebc3e4aeb5fa1b4","slug":"ram-mandir-granite-stones-will-be-installed-in-the-foundation-of-the-temple-will-be-used-to-stop-the-leakage-of-water-churning-done-on-future-plans","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम मंदिर : मंदिर की बुनियाद में लगेंगे ग्रेनाइट के पत्थर, पानी का रिसाव रोकने के लिए होगा प्रयोग, भावी योजनाओं पर किया गया मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम मंदिर : मंदिर की बुनियाद में लगेंगे ग्रेनाइट के पत्थर, पानी का रिसाव रोकने के लिए होगा प्रयोग, भावी योजनाओं पर किया गया मंथन
Wed, 14 Jul 2021 11:15 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 14 Jul 2021 11:15 PM IST
सार
राममंदिर के नींव की 15 लेयर तैयार हो चुकी है, 16 वीं लेयर बनाने का काम चल रहा है। बरसात के मौसम के बीच काम निरंतर संचालित रहे इसको लेकर विचार विमर्श किया गया। अक्तूबर तक नींव भराई का काम पूरा कर लेने का ट्रस्ट का लक्ष्य है।
विज्ञापन
अयोध्या में सर्किट हाउस में बैठक में नृपेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के पदाधिकारी व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक बुधवार को शुरू हुई। इससे पूर्व राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रामजन्मभूमि परिसर जाकर वहां चल रहे नींव भराई के कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद दोपहर सर्किट हाउस में ट्रस्ट के पदाधिकारियों व तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मंदिर निर्माण प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ भावी योजनाओं पर भी मंथन किया गया। बैठक में नींव की मजबूती पर चर्चा करने के साथ तय हुआ है कि बुनियाद में पानी के रिसाव को रोकने के लिए ग्रेनाइट के पत्थरों का प्रयोग किया जाए।
विज्ञापन
इससे पूर्व मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मंदिर निर्माण के लिए चल रहे नींव भराई के काम का निरीक्षण किया। कार्यदाई संस्था एलएंडटी व टाटा कसंल्टेंसी के इंजीनियरों ने नृपेंद्र को नींव भराई की पूरी जानकारी दी। इसके बाद मंदिर समिति अध्यक्ष ने परिसर स्थित विश्वामिश्र आश्रम में ट्रस्टियों व तकनीकी विशेेषज्ञों के साथ करीब दो घंटे बैठक की।
विज्ञापन
इसके बाद अपराह्न तीन बजे से फिर सर्किट हाउस में बैठक का दौर शुरू हुआ। बैठक में शामिल इंजीनियरों ने प्रोजेक्टर के जरिए नृपेंद्र मिश्र के समक्ष मंदिर निर्माण के प्रगति की पूरी जानकारी प्रस्तुत की। तय हुआ कि नींव भरने के बाद ललितपुर के ग्रेनाइट के पत्थरों का प्रयोग बुनियाद में पानी के रिसाव को रोकने के लिए किया जाएगा। जिससे कि नींव कमजोर न पड़े। पत्थरों की आपूर्ति शुरू करने को लेकर भी चर्चा हुई। पहले नींव के पत्थर आएंगे।
विज्ञापन
बैठक में भावी निर्माण कार्य की योजना का ग्राफ भी बनाया गया। नृपेंद्र मिश्र ने मौसम को देखते हुए निर्माण कार्य करने और निर्धारित अवधि में नींव भरने का काम पूरा करने का निर्देश दिया। मंदिर निर्माण समिति की गुरुवार को भी दो सत्रों में बैठक होनी है। इस बैठक में मंदिर निर्माण के साथ-साथ अन्य प्रकल्पों खासकर परकोटा निर्माण को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, सोमपुरा कंस्ट्रक्शन से आशीष सोमपुरा, निखिल सोमपुरा सहित अन्य तकनीकि विशेषज्ञ शामिल रहे।
नवंबर से शुरू होगा पत्थरों को लगाने का काम
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद मामले में लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र पहली बार समीक्षा करने पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में जमीन खरीद मामले को लेकर भी चर्चा हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सर्किट हाउस में दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई बैठक दो घंटे चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और तुरंत बैठक स्थल से रवाना हो गए। इस बीच ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि दो दिवसीय बैठक के पहले दिन केवल मंदिर निर्माण के प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि राममंदिर के नींव की 15 लेयर तैयार हो चुकी है, 16 वीं लेयर बनाने का काम चल रहा है। बरसात के मौसम के बीच काम निरंतर संचालित रहे इसको लेकर विचार विमर्श किया गया। अक्तूबर तक नींव भराई का काम पूरा कर लेने का ट्रस्ट का लक्ष्य है। बताया कि नवंबर से पत्थरों को लगाने का काम शुरू किया जाएगा।