बाराबंकी: राकेश टिकैत बोले- मंत्री के बेटे की रेड कारपेट गिरफ्तारी हुई, गृह राज्यमंत्री कानून व्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक आदमी
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक मंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता तब तक आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर जिले की घटना में केंद्रीय मंत्री के बेटे की जो गिरफ्तारी हुई है वह रेड कारपेट के तहत है। यही वजह है कि उसे गुलदस्ते भेंटकर मामले की पूछताछ की जा रही। टिकैत बुधवार को शहर के नवीन मंडी स्थल पर भाकियू द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह संस्कार व निकाह समारोह में शामिल होने आए थे। उन्होंने पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की गिरफ्तारी और मंत्री पद से बर्खास्तगी नहीं हो जाती है, यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।
टिकैत ने कहा कि इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसे लेकर 26 तारीख को जिले में भी धरना प्रदर्शन होगा। जब तक केंद्र सरकार मांगें नहीं मानती, आंदोलन चलता रहेगा। टिकैत ने कृषि कानून के सवाल पर कहा कि सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस कानून को बनाया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा इस आंदोलन को हाईजैक करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। हम लाशों पर राजनीति नहीं करते हैं। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन भी मौजूद रहे।
इस्तीफा व गिरफ्तारी से कम कुछ स्वीकार नहीं : टिकैत
उधर, हरगांव (सीतापुर) में भी राकेश टिकैत ने लखीमपुर की घटना को लेेकर साफ किया है कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी और इस्तीफा से कम कुछ स्वीकार नहीं होगा। जब तक घटना के सूत्रधार केंद्रीय मंत्री पर कार्रवाई नही होगी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बहुत ही कानून व्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक आदमी बताया। वह लखीमपुर में अंतिम अरदास कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लौटते समय हरगांव इलाके के झरिया गांव स्थित बलवंत सिंह के झाले पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद अधिकारियों से हुई बातचीत व प्रदेश सरकार से की गयी मांग में मंत्री का इस्तीफा व गिरफ्तारी भी शामिल थी। आरोप लगाया कि गृह राज्यमंत्री के दबाव के चलते ही हत्या के आरोपी पुत्र का रेड कारपेट सरेंडर हुआ। किसान नेता राकेश टिकैत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले पर किसी भी तरह की कोई सियासत बर्दाश्त नहीं होगी। निर्दोष किसानों के हत्यारों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई न होने तक लखीमपुरखीरी कांड को लेकर किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।