{"_id":"08dc178089def0a971a4f34ef568fc7c","slug":"rajendra-chaudhary-statement-on-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"'कुछ लोगों को खून लगाकर शहीद बनने का शौक'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'कुछ लोगों को खून लगाकर शहीद बनने का शौक'
राजेंद्रे सिंह/लखनऊ
Updated Wed, 13 Nov 2013 10:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को खून लगाकर शहीद बनने का शौक होता है।
विज्ञापन
राजेंद्र सिंह ने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि प्रदेश में कुछ दलों को अचानक गन्ना किसानों की चिंता सताने लगी है। धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के अखबारी बयान आने लगे हैं।
वह भी तब जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चीनी मिलों को इसी महीने पेराई शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
पढ़ें-क्या आंकड़ेबाजी में वाकई कमजोर हैं नरेंद्र मोदी?
विज्ञापन
इसके बावजूद अगर कोई दल आंदोलन या प्रदर्शन की बात करता है तो उसे अवसरवादी राजनीति का भोंडा प्रदर्शन ही कहा जाएगा।
चौधरी ने कहा, मुलायम सिंह यादव की सरकार के कार्यकाल में ही उत्तर प्रदेश में रिकार्ड चीनी उत्पादन के साथ गन्ना उत्पादकों को सर्वाधिक मूल्य प्रदान करने वाला देश में यह पहला राज्य बना था।
विज्ञापन
तभी राज्य में भी चीनी मिलों की स्थापना हुई थी। इसके विपरीत केंद्र से कांग्रेस की किसान विरोधी नीतियों के चलते गन्ना किसानों की दशा बिगड़ती गई है।
पिछली बसपा सरकार के समय तो किसानों की बड़ी दुर्दशा हुई। न तो किसानों को उचित और लाभप्रद दाम मिले और न हीं चीनी मिलो से बकाया भुगतान हुआ।
पढ़ें-रुक सकती थी आजम के खिलाफ बगावत
पश्चिमी यूपी में कई जगह किसानों को अपना गन्ना खेतों में ही जलाना पड़ गया था। तब सपा ने ही गन्ना किसानों के हितों की लड़ाई लड़ी थी।
उन्होंने कहा, सपा सरकार विकास के जिस एजेंडे पर काम कर रही है उसमें विपक्षी रोड़ा अटकाने में लगे हैं।
कांग्रेस और भाजपा को मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता से परेशानी है तो बसपा अपनी सत्ता खोकर बौखलाई हुई है। रालोद जैसे दल अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे है। उनकी कहीं कोई जमीन नहीं बची है।