राजीव कुमार हो सकते हैं यूपी के नए मुख्य सचिव
केंद्र सरकार ने यूपी काडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव कुमार-प्रथम को समय से पहले यूपी वापसी की मंजूरी दे दी है। वह जल्द ही यहां कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। माना जा रहा है कि जहाजरानी मंत्रालय में सचिव राजीव प्रदेश के अगले मुख्य सचिव हो सकते हैं।
प्रदेश में नई सरकार आने के समय से ही चर्चा थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1981 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव कुमार-प्रथम को केंद्र से प्रदेश की सेवा में वापस लाना चाहते हैं।
राजीव कुमार प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सहित शासन के कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। सपा शासनकाल में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। बताया जाता है कि प्रदेश सरकार ने राजीव कुमार की समय से पहले वापसी के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया था।
इसे संयोग ही कहेंगे कि मंगलवार को एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ पहुंचे, दूसरी ओर कैबिनेट की नियुक्ति संबंधी समिति ने राजीव कुमार की समय से पहले यूपी वापसी की मंजूरी दे दी। योगी यदि कुमार को मुख्य सचिव बनाते हैं तो वह इस पद पर एक साल तक रहेंगे। अगले साल जून में वह अपनी प्रशासनिक सेवा पूरी कर लेंगे।
वरिष्ठों को गौरव दिलाने में जुटे योगी
यूपी में जॉइनिंग देने के बाद राजीव प्रदेश में कार्यरत आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर आ जाएंगे। काडर के वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी शैलेश कृष्ण अस्वस्थता की वजह से पहले से ही मुख्य सचिव की दौड़ से बाहर हैं।
वह इस साल नवंबर में रिटायर होंगे। शैलेश के बाद अफसरशाही में राजीव कुमार के सबसे वरिष्ठ होने से उनका मुख्य सचिव बनना तय माना जा रहा है। चर्चा है कि वह मुख्य सचिव बनाने के लिए ही समय से पहले यूपी लाए जा रहे हैं।
योगी ने पुलिस अधिकारियों में भी वरिष्ठता का सम्मान करते हुए जावीद अहमद को हटाकर काडर के सबसे वरिष्ठ आईपीएस सुलखान सिंह को डीजीपी बनाया था।
अखिलेश यादव सरकार ने वरिष्ठों को नजरंदाज कर जूनियर अफसरों को अहम पदों पर तैनाती देने की परंपरा शुरू की थी। राहुल भटनागर भी कई वरिष्ठों को नजरंदाज कर मुख्य सचिव बनाए गए थे।