'नाईक ने गलत क्या कहा, पूरा देश चाहता है राम मंदिर बने'
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राजस्थान के राज्यपाल और कभी अयोध्या आंदोलन का पर्याय माने जाने वाले कल्याण सिंह ने कहा कि सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने अयोध्या में राम मंदिर बनने की बात कहकर कोई गलत बात नहीं कही है। उन्होंने यही तो कहा कि पूरा देश चाहता है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर बने। इसमें कुछ भी संविधान के विपरीत नहीं है।
कल्याण ने कहा, ‘मैं भी संवैधानिक पद पर हूं। उसकी मर्यादा जानता हूं। कोशिश करता हूं कि यह मर्यादा टूटने न पाए। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने जनता की भावना ही व्यक्त की है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’ कल्याण रविवार को यहां अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
सिंह से सवाल हुआ कि पिछले कुछ दिनों से राजस्थान से पत्थरों का आना तेज हो गया है। इसमें कहीं उनकी तो कोई भूमिका नहीं है क्योंकि कल्याण सिंह, अयोध्या और मंदिर आंदोलन एक-दूसरे से काफी ज्यादा जुड़े हैं?
इस तरह कल्याण ने दिया जवाब
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण ने मुस्कराते हुए जवाब दिया कि वह संवैधानिक पद पर हैं। उसकी मर्यादा जानते हैं। यह (मंदिर मुद्दा) ऐसा विषय है जिस पर अखबारों से लेकर चैनलों तक में बहुत कुछ आ चुका है।
लोगों को पूरी सच्चाई पता है, किसी को कुछ बताने की जरूरत नहीं। नाईक की यह बात सही है कि पूरा देश राम मंदिर का निर्माण चाहता है।
कल्याण सिंह ने कहा कि पेंच सिर्फ एक है कि मंदिर का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय के सामने विचाराधीन है। अच्छा होता कि इस पर दोनों पक्षों में परस्पर सहमति बन जाती। परस्पर सहमति से मंदिर बनेगा तो आपसी सद्भाव मजबूत होगा।
राम नाईक की अति सक्रियता पर बोले कल्याण सिंह
कल्याण सिंह से सवाल हुआ कि उत्तर प्रदेश में राज्यपाल राम नाईक पर ज्यादा सक्रियता का आरोप लगता है। तमाम मुद्दों पर उनकी ऐसी सलाह आ जाती है जो सरकार के लिए समस्या खड़ी करती है। इसको लेकर राज्यपाल और सरकार में तल्खी भी सामने आती है।
सिंह ने कहा कि नाईक राज्यपाल की भूमिका के अनुरूप ही काम कर रहे हैं। राज्यपाल का तो काम ही यही है कि वह जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसले करे। इसलिए उन्हें जो उचित लगता है वह निर्णय लेते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं।
राजस्थान में मैं भी सक्रिय हूं। गांवों में जाता हूं। लोगों से बात करता हूं। वहां ऐसी कोई समस्या नहीं है क्योंकि राज्यपाल के रूप में मैं भी प्रदेश का विकास चाहता हूं और वहां की सरकार भी यही चाहती है। इसलिए मेरी सक्रियता एक तरह से राजस्थान की सरकार को विकास के कामों में योगदान ही करती है।
केंद्र में सरकार बदले तो राज्यपाल दे दें इस्तीफा
कल्याण से सवाल हुआ कि केंद्र में सरकार बदलने पर राज्यपाल को त्यागपत्र दे देना चाहिए या नहीं? उन्होंने कहा, मेरी निजी राय है कि राज्यपाल की नियुक्ति भले ही राष्ट्रपति करते हैं लेकिन यह नियुक्ति केंद्र सरकार के परामर्श पर ही होती है।
इसलिए नैतिकता यही कहती है कि केंद्र में सरकार बदले तो राज्यपाल को त्यागपत्र दे देना चाहिए।
हिंदुस्तान जैसी सहिष्णुता कहीं नहीं
देश में असहिष्णुता को लेकर बने माहौल पर सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि दुनिया में हिंदुस्तान से ज्यादा सहिष्णु देश दूसरा है ही नहीं। देश में कहीं असहिष्णुता नहीं है। कुछ लोग निहित स्वार्थ में आधारहीन तर्कों से इस तरह का माहौल बना रहे हैं।