राज बब्बर और रैना को क्यों चाहिए 50 हजार पेंशन?
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वे भले ही प्रसिद्ध अभिनेता हों या भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हों या फिर पूर्व सांसद या शिक्षक और पेंशन लेते हों, लेकिन उन्हें प्रदेश सरकार का 50 हजार रुपये प्रति माह पेंशन भी चाहिए।
यश भारती से सम्मानित 141 लोगों में से करीब 108 लोगों ने पेंशन के लिए आवेदन किया है। ऐसे लोगों में प्रसिद्ध अभिनेता, कांग्रेस के पूर्व सांसद राज बब्बर व उनकी रंगकर्मी पत्नी नादिरा बब्बर, जाने-माने क्रिकेटर मो. कैफ व सुरेश रैना, फिल्म अभिनेता जिमी शेरगिल, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त प्रसिद्ध गीतकार गोपालदास नीरज, लखनऊ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. व रंगकर्मी राज बिसारिया, कला महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य व वरिष्ठ चित्रकार जयकृष्ण अग्रवाल, मैनपुरी के नेशनल कॉलेज में विभागाध्यक्ष व गीतकार सोम ठाकुर, केकेसी में शिक्षक रहे योगेश प्रवीण और लोकगायिका मालिनी अवस्थी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्रसिद्ध शास्त्रीय, उपशास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी, उपशास्त्रीय गायक छन्नूलाल मिश्र भी आवेदन करने वालों में शामिल हैं।
संस्कृति विभाग ने यश भारती से सम्मानित लोगों को आवेदन पत्र का प्रारूप भेजे थे और उनसे 31 जनवरी तक आवेदन करने को कहा था। इसके पीछे विचार ये था कि जो लोग आवेदन नहीं करेंगे, उनके बारे में मान लिया जाएगा कि वे पेंशन के इच्छुक नहीं हैं।
मिले 108 आवेदन, अमिताभ ने ठुकराया
विभाग के अधिकारी हालांकि इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि 108 आवेदन शासन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। अगले चरण में पद्म अलंकरणों से सम्मानित लोगों के आवेदन मांगे जाएंगे।
बिग बी की तरह पेंशन ठुकराने का दम हर किसी में नहीं
बता दें, राज्य सरकार ने यश भारती व पद्म अलंकरणों से सम्मानित किए गए ऐसे लोगों के लिए, जिनकी जन्मभूमि या कर्मभूमि यूपी रही है, पेंशन देने की घोषणा की थी। पेंशन के तहत 50 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने हैं।
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने इस घोषणा के बाद इसे अस्वीकार करते हुए कहा था कि वे और उनके परिवार का कोई सदस्य पेंशन नहीं लेगा।
आलोचना से बचने के लिए यह व्यवस्था की गई कि पेंशन उन्हें ही दिया जाएगा, जो इसके लिए आवेदन करेंगे। संस्कृति विभाग ने इसके लिए प्रथम चरण में यश भारती से सम्मानित लोगों से आवेदन मांगे थे।