{"_id":"5efcede08ebc3e43095774c7","slug":"railways-works-in-lockdown47","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटके काम लॉकडाउन में पूरे, ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटके काम लॉकडाउन में पूरे, ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने कोरोना के चलते लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन बंद होने का फायदा उठाते हुए कई बड़े काम पूरे करा लिए हैं, जो अर्से से अटके थे। डीआरएम संजय त्रिपाठी की पहल पर मंडल में सेफ्टी, सिक्योरिटी और ट्रेनों के बेहतर संचालन के अटके काम पूरे कराए गए। इससे अब जब नियमित ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी तो उनका संचालन बेहतर होगा। लॉकडाउन के पहले पटरियों के मेंटेनेंस से लेकर सिगनलिंग, डिस्ट्रेसिंग और ट्रैक रिन्यूअल से जुड़े तमाम कार्य ब्लॉक न मिल पाने के कारण अटके थे। कोरोना के चलते मार्च में ट्रेनों का संचालन रोक दिए जाने पर मंडल स्तर पर अटके कामों को गति दी गई। इसमें इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल व अन्य विभागों के सहयोग से काम हुए। चारबाग रेलवे स्टेशन पर 100 साल पुराने फुट ओवर ब्रिज को बदल नया ब्रिज तैयार किया गया। इसी क्रम में 6 लेवल क्रॉसिंग फाटकों पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा कराया गया। यह प्रोजेक्ट करीब 13 करोड़ का था। ऐसे ही ट्रैक रिकॉर्डिंग कार यानी टीआरसी से 1845 किलोमीटर ट्रैक का निरीक्षण किया गया। 428 वेल्डिंग 110 पॉइंट 900 से ज्यादा कर्व जमीनी स्तर पर जांचे गए और उनका मेंटेनेंस भी हुआ। इसी क्रम में रेलवे ने 140 किलोमीटर ट्रैक पर डिस्ट्रेसिंग और 478 जगहों पर वेल्डिंग का काम भी करवाया। जर्जर थे पुल के 87 गर्डर, रेलवे ने बदले उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में ट्रांसलमेटिक रोबोटिक मेथड के जरिए 45 क्रॉसिंग रिपेयर की। जबकि 84 लेवल क्रॉसिंगों को बेहतर ढंग से ऑपरेशन के लिए तैयार किया। इसी क्रम में क्रॉसिंग को ट्रैक पर कॉलिंग रेसिंग प्लेट और सुल्तानपुर जफराबाद सेक्शन पर बने पुल के 87 गर्डर भी बदल डाले। वहीं चारबाग रेलवे स्टेशन पर रूट रिले इंटर लॉकिंग और बनारस में रूट इंडिकेटर लगवाए गए हैं। एसी बोगियों को मिल गई ताकत गर्मियों के सीजन में लगातार चलते रहने की वजह से जिन एसी बोगियों को प्रॉपर मेंटेनेंस नहीं मिल पाता था। इस लॉकडाउन उन्हें भी ताकत देने का काम किया है। डीआरएम ने बताया कि एलएचबी और आईसीएफ एसी बोगियों के मेंटेनेंस के दौरान फिल्टर, कूलिंग और कंडेंसर बदल दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त 37 बोगियों को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। ताकि कोरोना संक्रमण में राहत मिल सके। 17 पावर जनरेटर का मेंटेनेंस हुआ। इनसे एसी एक्सप्रेस, शताब्दी और लखनऊ मेल जैसी गाड़ियों को बिजली की सप्लाई की जाती है। 3488 मीटर ओएचई बदली मंडल के उन्नाव सोनिक सेक्शन और प्रयाग इलाहाबाद सक्षम पर पिछले काफी समय से ओएचई यानी ओवरहेड इक्विपमेंट वायर को बदलने का काम किया जाना था, जिसे लॉकडाउन में पूरा किया गया। 2888 मीटर ओएचई और उन्नाव सोनिक सेक्शन पर बदली गई। 12 लाख पेड़ भी लगाएगा रेलवे रेलवे स्टेशन और ट्रैक किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल 12 लाख पेड़ लगाएगा। इसके लिए रेलखंड स्टेशन और रेलवे कॉलोनी तय कर ली गई हैं। डीआरएम ने बताया कि बीते वर्ष 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन रेलवे ने इससे ज्यादा करीब 7 लाख पौधों का रोपण किया था। नर्सरी उतरेठिया, जौनपुर, गोसाईगंज, बीघापुर और रेलवे क्लब में बनाई गई है। नीम, शहतूत, पीपल, अमरूद व आम के पौधे रोपे जाएंगे।
विज्ञापन