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फर्जी मंत्री ने रेलवे में नौकरी का झांसा दे ठगे 80 लाख, थमाए ऑफर लेटर

Sun, 29 Jan 2017 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sun, 29 Jan 2017 01:00 AM IST
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railway recruitment scam by fake minister in lucknow
- फोटो : demo pic
मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार तो कभी खुद को मंत्री बताकर व्यापारियों-उद्योगपतियों को बड़े ठेके व सप्लाई ऑर्डर दिलाने के बहाने करोड़ों की ठगी के आरोपी अभिषेक निगम ने बरेली के आठ युवकों को रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 80 लाख रुपये ठगे थे।
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उसने खुद को रेलवे बोर्ड का सदस्य बताया था। अच्छी नौकरी की आस में सूदखोर से कर्ज लेकर रकम दी। उसने फर्जी ऑफर लेटर व अन्य दस्तावेज थमाकर चलता कर दिया।

कर्ज चुकाने में एक परिवार को पुश्तैनी जमीन बेचनी पड़ी, जबकि दूसरे परिवार को घर गिरवी रखना पड़ा। बरेली से आए पीड़ितों की शिकायत पर बाजार खाला पुलिस ने अभिषेक पर एक और केस दर्ज किया है। 
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पुलिस के मुताबिक, बरेली के कैंट थाने के गांव ठिरिया निजावत खां निवासी साबिर अली खां और गोकुल नगर नकटिया निवासी बहादुर सिंह की 2012 में अभिषेक निगम से मुलाकात हुई थी।
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उसने खुद को मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार और रेलवे बोर्ड का सदस्य बताया। कहा कि परिवार के किसी व्यक्ति को रेलवे में नौकरी लगवानी हो तो बताना। अभिषेक की लालबत्ती की गाड़ी व रुतबा देख झांसे में आए साबिर अली ने अपने भाई वकार अली, इरशाद अली, भतीजे सिराहज अहमद, शमशाद हुसैन और मिनाजुद्दीन की नौकरी की पेशकश की।

 

नौकरी के लालच में सूदखोरों से ल‌िया कर्ज

railway recruitment scam by fake minister in lucknow
डेमो - फोटो : demo pic

अभिषेक ने प्रति व्यक्ति दस लाख रुपये के हिसाब से 50 लाख का खर्च बताया। बहादुर सिंह ने अपने पड़ोसी नाहद कमल, धर्मराज व सैफ खान के परिवारीजनों को रेलवे की नौकरी मिलने का रास्ता बताया।

अभिषेक ने आठों युवकों से मुलाकात की। भाई-भतीजों को रेलवे की नौकरी के लालच में साबिर अली ने सूदखोर से कर्ज ले डाला। अन्य तीनों ने भी किसी तरह रुपये जुटाए और तीन किश्तों में अभिषेक को 80 लाख रुपये दे दिए।

अभिषेक निगम आठों युवकों के साथ साबिर अली और बहादुर सिंह को भी कई बार कोलकाता ले गया, जहां आठों युवकों को रेलवे का ऑफर लेटर थमाया। डॉक्टरी मुआयने का प्रमाणपत्र व नौकरी संबंधी अन्य दस्तावेज दिए।

कई महीने तक नौकरी न मिलने पर बेरोजगारों ने छानबीन की। पता चला कि ऑफर लेटर व अन्य दस्तावेज फर्जी हैं। साबिर अली व बहादुर सिंह ने अभिषेक को उलाहना देने के साथ तगादा किया तो उसने गालीगलौज करके दोनों को घर से भगा दिया।

साबिर अली व बहादुर सिंह को कुछ दिनों पहले अभिषेक की गिरफ्तारी की भनक लगी। उन्होंने एएसपी क्राइम व बाजार खाला थाने पर तहरीर दी। इस पर केस दर्ज कर लिया गया है।  

कर्ज चुकाने में बिकी पुश्तैनी जमीन 

railway recruitment scam by fake minister in lucknow
डेमो - फोटो : demo pic
साबिर अली ने पुलिस को बताया कि दो भाइयों की नौकरी के लिए उसने सूदखोर से कर्ज लिया था। नौकरी मिलने पर कर्ज चुकाने की तैयारी थी। रकम डूबने पर पुश्तैनी जमीन बेचकर कर्ज चुकाया।

तीन भतीजों का भी पैसा चुकाना पड़ा। रेलवे में नौकरी पाने के लिए जो तीनों पड़ोसी बहादुर सिंह के चक्कर काटते थे। रकम डूबने पर उससे झगड़ने लगे। तगादा के साथ आए दिन धमकी से परेशान बहादुर सिंह ने अपना घर बैंक में गिरवी रखकर तीनों युवकों के पैसे लौटाए। 

बाजार खाला के मोहल्ला टिकैत राय तालाब निवासी अभिषेक निगम को हजरतगंज पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने सात जनवरी को गिरफ्तार किया था। उस पर दिल्ली के दो व्यापारियों ने प्रदेश सरकार की योजना के तहत करोड़ों के सप्लाई ऑर्डर के बहाने ठगी के केस दर्ज कराए थे।

इनमें अभिषेक के साथ फर्जीवाड़े में उसकी सहयोगी भावना अरोड़ा, सोनू, असद आदि नामजद थे। गिरफ्तारी की भनक लगते ही एक अन्य पीड़ित ने भी हजरतगंज में केस दर्ज कराया।

इसके बाद अभिषेक पर आशियाना थाने में एक व बाजार खाला में तीन केस दर्ज हुए लेकिन जालसाजी में उसके साथ रहे अन्य लोगों को पुलिस अभी पकड़ नहीं पाई है। 
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