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अब ट्रेनों से इमरजेंसी चेन हटाने पर चल रहा मंथन, ये हो सकता है विकल्प

नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Abhishek Singh Updated Mon, 12 Aug 2019 05:47 AM IST

सार

  • चेन पुलिंग होने पर 15 से 20 मिनट ट्रेन लेट होती है
  • इन रूटों पर चेन पुलिंग अधिक
  • इन ट्रेनों का बुरा हाल
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एक्सप्रेस ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर)
एक्सप्रेस ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media (File Photo)

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विस्तार

चेन पुलिंग के लगातार बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में रेलवे नाकाम साबित हो रही है। पिछले डेढ़ साल में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे में चेन पुलिंग के 2680 मामले दर्ज हुए हैं और यह लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए कोई सही रास्ता निकालने की बजाय रेलवे प्रशासन अब इमरजेंसी चेन ही हटाकर दूसरे विकल्प पर मंथन कर रही है, जिसका दुरुपयोग नहीं किया जा सके।
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रेलवे में मैकेनिकल विभाग के अधिकारी बताते हैं कि एक बार ट्रेन में चेन पुलिंग होने पर 15 से 20 मिनट ट्रेन लेट होती है। दोबारा एयरप्रेशर बनने के बाद ही ट्रेन रवाना की जाती है। एक बार चेन पुलिंग की गई तो एयरप्रेशर बनाने में 20-25 लीटर डीजल की खपत होती है। रेलवे को सालाना हजारों लीटर डीजल का नुकसान उठाना पड़ता है। इतना ही नहीं रूट पर पीछे से आने वाली गाड़ियां भी पिट जाती हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतें होती हैं।


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ये हो सकता है इमरजेंसी चेन का विकल्प

बोर्ड अधिकारियों की मानें तो इमरजेंसी चेन हटाने से रेलवे को राजस्व का नुकसान नहीं होगा। दूसरे, ट्रेनों की पंक्चुएलिटी में भी सुधार होगा। इमरजेंसी चेन हटाने के बाद पैसेंजरों को यह सुविधा दी जाएगी कि सीधे गार्ड या लोको पायलट को आपात स्थिति की सूचना दें, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को रोकने या नहीं रोकने का निर्णय लिया जाएगा। साथ ही मदद के लिए तत्काल एस्कॉर्ट को सूचित कर दिया जाएगा। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाया जा सकता है। इन उपायों पर रेलवे मंथन कर रहा है।

इन रूटों पर चेन पुलिंग अधिक

चेन पुलिंग के सर्वाधिक मामले अकबरपुर-मालीपुर, प्रयाग-फूलपुर, गौरीगंज-अमेठी, जंघई-भदोही ट्रैक पर होते हैं। सर्वाधिक प्रभावित स्टेशनों में बादशाहपुर, चिलबिला, शाहगंज, बिलवई, भदोही, फाफामऊ, शाहगंज, गौरीगंज, सुरयावां, रायबरेली, रामचौरा शामिल हैं। ऐसे ही पूर्वोत्तर रेलवे में चेन पुलिंग बाराबंकी-गोंडा, बहराइच और उसके आगे के सेक्शन प्रभावित होते हैं।

इन ट्रेनों का बुरा हाल

लखनऊ-वाराणसी मेल (14220), गंगा-सतलज (13307), दून एक्सप्रेस (13009), कैफियत (12225), कामायनी (11071), पद्मावत (14207), भोपाल-लखनऊ (12183), छपरा-लोकमान्य तिलक (11060), सारनाथ एक्सप्रेस (15159), चौरी-चौरा (15003), त्रिवेणी (14369), मरुधर (14853), गोरखधाम (12555)।
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चेन पुलिंग के मामले

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