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नहीं पूरी हुई लखनऊ की उम्मीदें, देखें रेल बजट की हाईलाइट्स
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:25 AM IST
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को मोदी सरकार का तीसरा बजट पेश किया। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, इस बजट में देशहित केसाथ रेलहित का भी ध्यान रखा गया है।
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उन्होंने कहा कि बजट में लोगों की जरूरत का खयाल रखा गया है। रेलमंत्री ने कहा उन्हें इस बजट की प्रेरणा पीएम नरेंद्र मोदी से मिली। उन्होंने कहा, हमारा ध्येय ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना है और हम कमाई के नए स्त्रोत ढूंढ़ेंगे।
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बजट में जहां किराया न बढ़ाकर आम जनता को राहत दी वहीं लखनऊ और यूपी के लिए ये बजट निराशाजनक रहा।
यहां देखें बजट हाईलाइट्स
- दिव्यांगों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग को सुविधाजनक बनाया।
- दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की ऑनलाइन बुकिंग और सभी सवारी डिब्बे ब्रेल इनेबल्ड किए।
- वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का कोटा बढ़ाया।
- इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ट्रेनों में 17,000 जैव शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।
- जनरल बोगी में भी मोबाइल चार्ज करने की सुविधा।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर ट्रेन में 120 सीटें।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोटा 50% बढ़ा
- 17000 नई ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें
- रेल सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग जरूरी
- इस साल 44 नई परियोजनाएं शुरू होंगी
- प्रति मिनट 7200 ई-टिकट देने का लक्ष्य
- बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- राज्य सरकारों के साथ 6 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए
- संयुक्त उद्यम के लिए 17 राज्यों से सैद्धांतिक अनुमोदन मिला
- कैबिनेट ने रेलवे को राज्य सरकारों के साथ संयुक्त उद्यम की अनुमति दी
- भारतीय जीवन बीमा निगम ने अनुकूल शर्तों पर 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की सहमति दी
- 2020 तक मालगाड़ियों को टाइम-टेबल के अनुसार चलाने का लक्ष्य
- 2020 तक बिना चौकीदार वाली क्रॉसिंग को खत्म करने का लक्ष्य
- 2020 तक 95 प्रतिशत तक समय पालन का लक्ष्य
महिलाओं और बच्चों का खास ध्यान
हाईलाइट्स
- वित्तीय वर्ष 2016-17 में पूंजीगत योजना के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं
- 2020 तक ट्रेनों से मल-मूत्र के सीधे डिस्चार्ज को समाप्त करने का लक्ष्य
- 2020 तक स्वर्णिम चतुर्भुज पर सेमी हाईस्पीड ट्रेनें चलाने का लक्ष्य
- 2020 तक मालगाड़ियों की औसत गति 50 किमी/घंटे और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति 80 किमी/घंटे तक करने का लक्ष्य
- महिलाओं के लिए आरक्षण कोटा में 33 फीसदी सब कोटा लाया जाएगा।
- हमसफर, तेजस और उदय नाम से तीन नई ट्रेनें चलेंगी।
- आम लोगों के लिए अंत्योदय एक्सप्रेस। पूरी अनारक्षित होगी।
- रेल कर्मचारियों की पोशाक में बदलाव होगा, कुली की जगह अब 'यात्री सहायक' इस्तेमाल किया जाएगा।
- जननी सेवा भी शुरू की जाएगी। बेबी फूड, गर्म दूध और गर्म पानी ट्रेनों में ही उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।
बजट के दौरान रेलमंत्री ने ऐलान किया कि 2020 तक हर यात्री को कन्फर्म टिकट मिलेगा। उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर औसतन 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का लक्ष्य रखा गया है।
- वित्तीय वर्ष 2016-17 में पूंजीगत योजना के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं
- 2020 तक ट्रेनों से मल-मूत्र के सीधे डिस्चार्ज को समाप्त करने का लक्ष्य
- 2020 तक स्वर्णिम चतुर्भुज पर सेमी हाईस्पीड ट्रेनें चलाने का लक्ष्य
- 2020 तक मालगाड़ियों की औसत गति 50 किमी/घंटे और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति 80 किमी/घंटे तक करने का लक्ष्य
- महिलाओं के लिए आरक्षण कोटा में 33 फीसदी सब कोटा लाया जाएगा।
- हमसफर, तेजस और उदय नाम से तीन नई ट्रेनें चलेंगी।
- आम लोगों के लिए अंत्योदय एक्सप्रेस। पूरी अनारक्षित होगी।
- रेल कर्मचारियों की पोशाक में बदलाव होगा, कुली की जगह अब 'यात्री सहायक' इस्तेमाल किया जाएगा।
- जननी सेवा भी शुरू की जाएगी। बेबी फूड, गर्म दूध और गर्म पानी ट्रेनों में ही उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।
बजट के दौरान रेलमंत्री ने ऐलान किया कि 2020 तक हर यात्री को कन्फर्म टिकट मिलेगा। उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर औसतन 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का लक्ष्य रखा गया है।