यूपी में किसान यात्रा के बाद अब कांग्रेस की ‘राहुल संदेश यात्रा’
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की देवरिया से दिल्ली तक की ‘किसान यात्रा’ के बाद अब पार्टी ‘राहुल संदेश यात्रा’ निकालने जा रही है।
सूबे के सभी जिलों में 13 अक्तूबर से 27 अक्तूबर के बीच इस यात्रा में प्रत्येक जिले में एक-एक बस यानी कुल 75 बसें एक साथ चलेंगी। इस दौरान पार्टी एक बार फिर किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाएगी।
शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की अध्यक्षता में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, जिला व शहर अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा में नेता विपक्ष व प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य राहुल गांधी की किसान यात्रा की निरंतरता को बनाए रखना है। यात्रा सूबे के सभी 75 जिलों में एक साथ शुरू होगी। दो हफ्तों की यात्रा के लिए पार्टी ने एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसमें जिलों के प्रभारी उपाध्यक्ष व महामंत्री, जिला और शहर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष भी शामिल रहेंगे।
गुलाम नबी ने झंडी दिखाकर रवाना की यात्रा
इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने राहुल संदेश यात्रा बस को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. निर्मल खत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, प्रचार अभियान समिति के चेयरमैन डॉ. संजय सिंह, समन्वय समिति के चेयरमैन प्रमोद तिवारी आदि मौजूद रहे।
यूपी के किसानों पर है 50 हजार करोड़ का कर्ज
आजाद ने बताया कि राहुल संदेश यात्रा के माध्यम से किसानों की बदहाली को उजागर किया जाएगा। यूपी के किसानों पर 50,000 करोड़ का कर्ज है।
पिछले दो सालों में बिजली के बिल में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। जबकि, मोदी सरकार ने पिछले तीन वर्ष में धान और गेहूं का समर्थन मूल्य सिर्फ 4.5 प्रतिशत ही बढ़ाया है।