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19426 फर्जी प्रमाणपत्र मामला: दिल्ली तक पहुंची फर्जीवाड़े की गूंज, गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट
Sat, 17 Aug 2024 04:15 PM IST
ishwar ashish
मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली
मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:15 PM IST
सार
सलोन क्षेत्र के छह गांवों में 19426 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले की रिपोर्ट गृहमंत्रालय ने तलब की है। मामले मे अब तक 17 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायबरेली जिले के सलोन ब्लॉक के छह गांवों में 19426 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई। गृह मंत्रालय के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। जांच में अब तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े प्रदेशों समेत अन्य राज्यों से संबंधित फर्जी प्रमाणपत्र सामने आ चुके हैं। मामले की जांच यूपी एटीएस कर रही है। अब तक मुख्य आरोपी मो. जीशान, आरोपी वीडीओ विजय सिंह यादव समेत 17 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। आरोपियों के तार बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों से जुड़े होने की आशंका है। गृह मंत्रालय के मामले के संज्ञान में लेने के बाद अफरातफरी मच गई है।
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सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर गांवों में 19426 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़े गए हैं। पड़ताल में बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल और पंजाब समेत करीब 12 प्रांतों के फर्जी प्रमाणपत्र मिले हैं। 24 अक्तूबर 2023 को नुरुद्दीनपुर गांव में करीब एक हजार प्रमाणपत्र एक ही दिन में बनाए गए हैं। जालसाज जीशान ने मोटी रकम लेकर अन्य प्रांतों के गैंग के साथियों को आरोपी वीडीओ की आईडी पासवर्ड देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए हैं। वीडीओ के वर्तमान तैनाती के छह गांवों की जांच बाकी है।
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घुसपैठियों से तार जुड़े होने के मामले को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लिया है। संयुक्त निदेशक अरविंद कुमार पांडेय ने मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु)/ महानिदेशक डॉ. बृजेश राठौर से फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट तलब की है। महानिदेशक ने डीएम को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं, जिससे राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराया जा सके। मामला केंद्र सरकार के संज्ञान में आने के बाद जिले में अफरातफरी का माहौल है।
सीएमओ पहले दे चुके स्वास्थ्य महानिदेशक को सूचना
जिले में जन्म प्रमाणपत्रों में हुए फर्जीवाड़े की घटना से संबंधित सूचना पहले ही सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह स्वास्थ्य महानिदेशक को दे चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने शासन को पत्र भेजकर जांच के संबंध में जानकारी दी थी। अब गृह मंत्रालय के गंभीर होने के बाद मामला गरमा गया है।
नुरुद्दीनपुर में आबादी से ज्यादा प्रमाणपत्र बनने की पुष्टि
रुपयों के लालच में नुरुद्दीनपुर गांव में आबादी से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने की पुष्टि हो गई है। इस ग्राम पंचायत की आबादी करीब 7500 है लेकिन जांच में यहां 10151 फर्जी प्रमाणपत्र मिले हैं। जिस नाम से प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, उस नाम के लोग गांव में रहते ही नहीं हैं। वर्तमान तैनाती वाले छह गांवों पाल्हीपुर, दुबहन, पृथ्वीपुर, अवनानीश, माधपुर निनैया, सांडा सैदन में फर्जीवाड़े की जांच बाकी है। इन गांवों की जांच में कई बड़े राज उजागर होने की उम्मीद है।