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Raebareli: गोशाला में 150 गोवंशों की मौत, ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा
Mon, 16 Sep 2024 07:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 16 Sep 2024 07:54 PM IST
सार
अस्थायी गोवंश आश्रम धूता में 1100 गोवंश संरक्षित हैं। 24 जनवरी की रात संरक्षित में से 150 गोवंश की मौत हो चुकी थी जबकि कुछ मरणासन्न अवस्था में थे।
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गोवंश आश्रम धूता
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रायबरेली के गदागंज के जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के अस्थायी गोवंश आश्रम धूता में 150 गोवंशों की मौत के मामले में बीडीओ के अलावा पशु चिकित्साधिकारी जगतपुर और ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों पर रविवार को गदागंज थाने में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। इसके बाद भी स्थिति सुधर नहीं रही है। लापरवाही का हाल यह है कि मवेशियों को न चारा मिल रहा है और न ही सुविधा।
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जगतपुर ब्लॉक एवं गदागंज थाना क्षेत्र के धूता ग्राम पंचायत के नरायन भीट निवासी उमानाथ सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि अस्थायी गोवंश आश्रम धूता में 1100 गोवंश संरक्षित हैं। 24 जनवरी की रात संरक्षित में से 150 गोवंश की मौत हो चुकी थी जबकि कुछ मरणासन्न अवस्था में थे। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान व संचालन समिति ने किसी को नहीं दी, बल्कि मृत गोवंशों को जंगल में ले जाकर उनका चमड़ा व गोमांश कुछ लोगों की ओर से निकाला जा रहा था। विरोध करने पर ग्राम प्रधान ने गालीगलौज करते हुए जानमाल की धमकी दी थी।
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कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान धूता, बीडीओ जगतपुर, पशु चिकित्साधिकारी जगतपुर, ग्राम विकास अधिकारी धूता और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सोमवार को जब गोशाला की पड़ताल की गई तो वहां अव्यवस्था का साया मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के हालात बहुत खराब हैं। मवेशी भूख प्यास से मौत के मुंह में जा रहे हैं। कोई देखने वाला नहीं है।
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