मायावती के लिए खतरे की घंटी, जनता को बसपा का विकल्प देंगे चौधरी
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बसपा से बगावत करने वाले पूर्व मंत्री आरके चौधरी 26 जुलाई को बिजली पासी किले में बड़ी रैली कर अपनी लड़ाई की शुरुआत करेंगे।
रैली में आने वाले कार्यकर्ताओं की राय से तय होगा कि बीएस-4 के बैनर तले ही बसपा के विकल्प की लड़ाई आगे बढ़ाई जाए या किसी के साथ मिलकर आगे बढ़ा जाए।
चौधरी ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख दलों के लोग उनके संपर्क में हैं लेकिन अभी तय नहीं किया है कि आगे क्या किया जाए।
पहले छत्रपति शाहू जी महाराज के जन्म दिवस पर 26 जुलाई को बड़ी रैली कर कार्यकर्ताओं की राय जानेंगे, इसके बाद आगे की दिशा तय होगी।
उन्होंने कहा, बसपा छोड़ने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की है। दोनों ने एक दूसरे के पार्टी से बाहर होने के कारणों पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने अपनी रैली में अभी तक मौर्य को आमंत्रित नहीं किया है।
'फिलहाल सभी अलग-अलग रहकर अपनी ताकत बढ़ाएंगे'
चौधरी ने कहा,उनका प्रयास है कि बसपा से जो लोग भी बाहर गए हैं, वे सभी एक साथ मिलकर बसपा के विकल्प की लड़ाई को आगे बढ़ाएं। फिलहाल सभी लोग अलग-अलग रैलियां कर अपनी ताकत बढ़ाएंगे। इसके बाद मिलकर रणनीति तय की जाएगी।
चौधरी ने सोमवार को दो चरण में जिम्मेदार समर्थकों की बैठक कर रैली को सफल बनाने की रणनीति बनाई। इसके अलावा तय हुआ कि 17 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर समर्थकों की बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति पर राय मशविरा किया जाएगा।
मायावती ने नारा बदला, दिल्ली की ओर से लौट पड़ा हाथी
चौधरी ने कहा,बसपा संस्थापक कांशीराम ने नारा दिया था कि ‘दलित-शोषितों करो विचार, कब तक सहोगे अत्याचार।’ मायावती ने यह नारा बदल दिया। उन्होंने नया नारा दिया कि ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी दिल्ली जाएगा।’
मायावती द्वारा नारा बदलने का असर ये हुआ कि यूपी से दिल्ली की ओर बढ़ा हाथी लौट पड़ा। कहा कि मायावती ने दलितों के वोट का सौदा शुरू किया जिससे दलित-शोषित व जमीनी कार्यकर्ता उनसे दूर हो गए। पैसा देकर टिकट लेने वाले हर जगह उनके टिकट बेचने की कहानी बता रहे हैं।