प्रमोशन में आरक्षण पर बसपा ने दिखाई ताकत, कहा- लेकर रहेंगे
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पदोन्नति में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास कराने व गलत तरह से रिवर्ट किए गए कर्मियों को फिर से उनका पद दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को लखनऊ में आरक्षण समर्थकों ने मोटर साइकिल रैली निकाली।
रैली को दोपहर दो बजे नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रैली अंत में सामाजिक परिवर्तन स्थल पर एक सभा में बदल गई। यहां पर नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब तक दलित कार्मिकों को न्याय नहीं मिल जाता तब तक हम उनकी लड़ाई लड़ते रहेंगे।
मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार की मंशा साफ होती तो अब तक लोकसभा से बिल पास हो जाता। सपा व भाजपा की सरकार मिलकर दलितों का उत्पीड़न करा रही हैं। समय आने पर आरक्षण समर्थक समाज इन दोनों सरकारों को सबक सिखाएगा।
मुख्यमंत्री से हो चुकी है बातचीत
नेता विरोधी दल ने कहा कि गलत तरीके से रिवर्ट किए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात हुई है। लेकिन अभी तक कर्मचारियों को वापस उनका पद नहीं दिया गया।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों ने कहा कि अब समय आ गया है कि करो मरो की तर्ज पर केंद्र की मोदी सरकार को बिल पास कराने के लिए मजबूर किया जाए। इसके लिए ऐसा अभियान चलाना होगा कि मोदी सरकार को यह पता चल जाए कि आरक्षण समर्थकों से टकराना उसके लिए कितना हानिकारक होगा।
गलत तरीके से किया गया पांच हजार कर्मियों को रिवर्ट
संघर्ष समिति के संयोजकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नाम पर अनेकों विभागों में लगभग पांच हजार दलित कर्मियों को गलत तरीके से रिवर्ट कर दिया गया है।
करीब एक लाख से अधिक दलित कार्मिकों को उनकी वरिष्ठता में नीचे किया गया है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की सरकार दलित विरोधी है।